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कैबिनेट के फैसले: तेलंगाना की तर्ज पर बनेगा पंजाब जेल विकास बोर्ड, कैदियों को मिलेगा काम

Thu, 27 Feb 2020 12:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब कैबिनेट की बैठक।
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पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को तेलंगाना की तर्ज पर पंजाब जेल विकास बोर्ड की स्थापना करने का फैसला किया गया। इससे कैदियों पर रचनात्मक प्रभाव डालने के उद्देश्य से उन्हें लाभदायक आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया जा सकेगा, जो जेलों में होने वाले जुर्म कम करने में भी सहायक हो सकते हैं।

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प्रवक्ता ने बताया कि यह कदम जेलों में होने वाले अपराधों को कम करने के उद्देश्य के साथ-साथ कैदियों को बोर्ड द्वारा चलाईं जा रही विभिन्न गतिविधियों में शामिल कर राजस्व पैदा करने में सहायता करेगा। बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे और जेल मंत्री इस बोर्ड के सीनियर वाइस चेयरपर्सन और जेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव इसके उप चेयरपर्सन होंगे। 

इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (राजस्व), अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव (वित्त), सचिव कानूनी एवं वैधानिक मामले, रजिस्ट्रार जनरल पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट और डायरेक्टर प्रोसीक्यूशन एंड लिटिगेशन इसके कार्यकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा सरकार द्वारा दो गैर-सरकारी व्यक्ति नामजद किये जाएंगे, जिनमें से कम-से-कम एक महिला होगी, जिन्होंने जेल प्रशासन या जेल सुधारों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई हो।

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इसके अलावा सरकार द्वारा दो जेल अधिकारी, जो केंद्रीय जेलों के सुपरिंटेंडेंट या इसके समकक्ष या इससे ऊपर के पद पर रहे हों, इसके सदस्य के तौर पर नामित किये जाएंगे। जेलों के डायरेक्टर जनरल /जेलों के अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल इस बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे।

करोड़ों में हो रही तेलंगाना सरकार को कमाई
उल्लेखनीय है कि पंजाब जेल विभाग ने तेलंगाना राज्य की तर्ज पर पंजाब विकास बोर्ड की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। विभाजन के बाद तेलंगाना राज्य ने आंध्र प्रदेश जेल विकास बोर्ड को अपना लिया, जिसकी स्थापना 2001 में की गई थी। तेलंगाना राज्य जेल विकास बोर्ड कई आर्थिक गतिविधियां करवा रहा है, जिन्होंने अपराधियों में वास्तव में व्यवहार में लाया। 

इन गतिविधियों के स्वरूप जेलों में होने वाले जुर्मों में कमी आई और कैदियों को इन अलग-अलग गतिविधियों में शामिल करके राजस्व भी पैदा किया जा रहा है। सिर्फ 2000 कैदियों और 3600 हवालाती की थोड़ी संख्या के बावजूद तेलंगाना जेल विकास बोर्ड ने साल 2017 में 399 करोड़ रुपये, 2018 में 536 करोड़ रुपये और 2019 में 600 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस कारण तेलंगाना ने साल 2017 में 12.80 करोड़ रुपये, 2018 में 16.72 करोड़ और 2019 में 19.00 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया।

शहरी झुग्गी वासियों को भी मिलेंगी नागरिक सुविधाएं

झुग्गी-झोंपड़ी वासियों की प्राथमिक जरूरतों का हल करने और शहरी क्षेत्रों के सर्वपक्षीय विकास को यकीनी बनाने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘पंजाब स्लम डिवेलर्स (स्वामित्व अधिकार) एक्ट -2020 लागू करने को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के शहरी क्षेत्रों में झुग्गी-झोंपड़ियों का प्रबंधन शहरों के टिकाऊ विकास के लिए बड़ी चिंता का विषय है। राज्य सरकार झुग्गी झोंपड़ी निवासियों और राज्य के दूसरे निवासियों को प्राथमिक नागरिक सहूलियतें और स्वामित्व अधिकार देने के लिए वचनबद्ध है। 

उक्त कानून शहरी क्षेत्रों के सर्वपक्षीय विकास को यकीनी बनाने के साथ-साथ झुग्गियां -झोंपड़ी वालों को प्राथमिक सहूलियतें मुहैया करवाने मे सहायक सिद्ध होगा। मंत्रिमंडल ने महसूस किया कि झुग्गियों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और उस शहर या कस्बे जहां झुग्गियां मौजूद हैं, के सर्वपक्षीय विकास के लिए के ठोस प्रयासों की जरूरत है। मीटिंग के दौरान, मंत्रीमंडल द्वारा संपत्तियों के उचित प्रबंधन को यकीनी बनाने के लिए ‘दी पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर ऑफ म्युंसिपल प्रॉपर्टीज एक्ट, 2020 के लागू करने को भी हरी झंडी दे दी।
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मंत्रिमंडल ने बजट और ग्रांट के लिए अनुपूरक मांगें विधानसभा में पेश करने की दी मंजूरी

पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कैग की लेखा रिपोट समेत 2019-20 के लिए ग्रांट संबंधी मांग और 2020-21 के लिए बजट अनुमान सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 31 मार्च, 2018 के लिए कैग की लेखा रिपोर्टों, वित्तीय लेखा और विनियोजन लेखा पेश करने की मंजूरी दी है। 

2017-18 के लिए पंजाब सरकार के (राजस्व, वित्त, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं) की लेखा रिपोर्ट कैग राज्य सरकार को भेज चुका है, जो सदन में पेश की जाएंगी। भारतीय संविधान की धारा 203 के क्लॉज में दर्ज उपबंधों के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने 2019-20 के लिए पंजाब सरकार की ग्रांटों संबंधी अनुपूरक मांगें पेश करने की मंजूरी दी है। इसी तरह साल 2020-21 के लिए पंजाब सरकार के बजट अनुमान विधानसभा में पेश करने की भी मंजूरी दे दी है।
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