पंजाब कैबिनेट ने सोमवार को पंजाब आबकारी नीति 2021-22 को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार ने इसके तहत आबकारी राजस्व के रूप में 7002 करोड़ रुपए के अनुमानित लाभ का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो मौजूदा वर्ष के 5794 करोड़ रुपए के लक्ष्य की अपेक्षा 20 प्रतिशत अधिक है। हालांकि नई नीति के तहत राज्य में शराब के दाम बढ़ाने से बचा गया है। नई आबकारी नीति में रिटेल लाइसेंसियों को राहत देने और शराब कारोबार को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति के तहत सरकार की तरफ से देसी शराब पर टैक्सों में विस्तार नहीं किया गया और उपभोक्ताओं के लिए बीते वर्ष की कीमतें ही कायम रखी गई हैं। इस नीति का मकसद मौजूदा ठेकों का नवीकरण करना है बशर्ते कि लाइसेंसी अतिरिक्त शराब उठाएं ताकि 2021-22 के दौरान राजस्व में 12 प्रतिशत की न्यूनतम वृद्धि को सुनिश्चित किया जा सके।
होटलों, रेस्टोरेंटों, मैरिज पैलेसों की लाइसेंस फीस में कटौती
यह आबकारी नीति विशेष तौर पर समाज के उन वर्गों को राहत देगी, जिन पर कोविड -19 का नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। इसके तहत होटलों और रेस्टोरेंटों के बार में सालाना लाइसेंस फीस 30 प्रतिशत तक घटाई गई है जबकि शराब का उपभोग करने (मूल्यांकन की फीस) पर लागू फीस भी घटा दी गई है। मैरिज पैलेसों की सालाना लाइसेंस फीस भी 20 प्रतिशत तक घटा दी गई है।
लाइसेंसियों के लिए शराब का कोटा बढ़ाने का फैसला
आबकारी विभाग की तरफ से देसी शराब का कोटा 12 प्रतिशत (लाइसेंसी द्वारा बेची जाने वाली शराब की न्यूनतम मात्रा), भारत में बनी विदेशी शराब का कोटा 6 प्रतिशत और बीयर का कोटा 4 प्रतिशत बीते वर्ष के मुकाबले बढ़ाकर अतिरिक्त राजस्व जुटाने का विचार है। नई पहल के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्रों और ‘ए’ श्रेणी की नगर काउंसिलों में विदेशी शराब के लिए कोटा लागू करने का प्रस्ताव है।
राज्य में अब नई डिस्टलरी की स्थापना को मंजूरी नहीं
राज्य सरकार ने नई डिस्टिलरियां, कारखाने या बॉटलिंग प्लांट स्थापित करने पर बंदिशें लगाने का फैसला किया है। यह भी तय किया गया है कि मौजूदा वर्ष में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए कोई नया लेटर ऑफ इंटेंट न जारी किया जाए। सरकार ने बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए जारी लेटर ऑफ इंटेंट को 31 मार्च, 2023 तक अपने प्रोजेक्ट पूरे करना अनिवार्य कर दिया है।