पंजाब कैबिनेट ने बठिंडा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंसेज (एम्स) प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए राज्य से संबंधित जमीन के विभिन्न हिस्सों को भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को ट्रांसफर करने का फैसला ले लिया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने चार एकड़, एक कनाल 13 मरले जमीन केंद्रीय मंत्रालय को ट्रांसफर करने का फैसला लिया है जो पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना और राज्य के खेल विभाग के नाम है।
कैबिनेट ने इससे पहले एम्स प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को ट्रांसफर की बठिंडा जिले के गांव जोधपुर रोमाना में पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी से संबंधित 175.1 एकड़ जमीन को भी मंजूरी दे दी है। प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले से बठिंडा एम्स की स्थापना के लिए दी जाने वाली जमीन की जरूरत पूरी हो गई है।
एडीबी से लोन लेने का रास्ता साफ
पंजाब कैबिनेट ने एक अहम फैसला लेते हुए पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन एक्ट, 2003 (एफआरबीएम) लागू करने पर मोहर लगा दी, जिसका उद्देश्य निर्धारित समय पर विशेष वित्तीय लक्ष्य प्राप्त करना है। प्रवक्ता ने बताया कि यह एक्ट निर्धारित समय में विशेष वित्तीय लक्ष्य प्राप्त करते हुए केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के लिए बनाई गई कर्ज एकीकरण व राहत सुविधा के लाभ लेने में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि यह एक्ट आरबीआई की तरफ से जारी एक मॉडल ड्राफ्ट बिल के आधार पर तैयार किया गया है, जिसमें समय-समय पर जरूरी संशोधन किए गए हैं। 14वें वित्त कमीशन की सिफारशों के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए अपना वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन एक्ट बनाना जरूरी है, ताकि निश्चित वित्तीय लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि इस एक्ट को लागू करने के लिए नियम बनाने जरूरी हैं क्योंकि राज्य सरकार की तरफ से एशियन डेवलपमेंट बैंक से समझौता किया गया है, जिसके अधीन राज्य सरकार को 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1200 करोड़ रुपये) का कर्ज प्राप्त होगा। किश्तों संबंधी जरूरी शर्त पूरी करने पर पहली किश्त के तौर पर 50 मिलियन डॉलर (337.06 करोड़ रुपये) राज्य सरकार को पहले ही प्राप्त हो चुके हैं और 100 मिलियन डॉलर की तीसरी किश्त प्राप्त करने के लिए वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन नियम बनाने लाजिमी हैं।