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पंजाब कैबिनेट: आशीर्वाद स्कीम के तहत राशि 51 हजार करने को मंजूरी, 60 हजार लाभार्थियों को होगा लाभ 

Wed, 28 Apr 2021 08:51 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कैबिनेट मीटिंग में बताया गया कि इस योजना के तहत दिसंबर 2020 तक की अदायगी पहले ही कर दी गई है। कैबिनेट की वर्चुअल मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत यह ताजा विस्तार एक जुलाई, 2021 से लागू होगा।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार का एक और चुनावी वादा पूरा करते हुए पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को आशीर्वाद योजना के तहत वित्तीय सहायता राशि को प्रति लाभार्थी 21000 रुपये से बढ़ा 51000 रुपये करने को मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने इस योजना के तहत बकाया निपटान की हिदायत भी दी है। यह फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। 

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कैबिनेट मीटिंग में बताया गया कि इस योजना के तहत दिसंबर 2020 तक की अदायगी पहले ही कर दी गई है। कैबिनेट की वर्चुअल मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत यह ताजा विस्तार एक जुलाई, 2021 से लागू होगा। मौजूदा सरकार की ओर से स्कीम की राशि में किया गया यह दूसरा विस्तार है, जिसने पहले 2017 में सत्ता संभालने से तुरंत बाद सहायता राशि 15000 रुपये से बढ़ाकर 21000 रुपये की थी और शगुन स्कीम का नाम बदलकर आशीर्वाद योजना रखा गया था। 


उस समय मंत्रिमंडल ने सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण और अल्पसंख्यक विभाग द्वारा लागू की गई योजना के तहत आनलाइन बैंकिंग प्रबंधन प्रणाली द्वारा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अदायगी करने का फैसला भी किया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि इस राशि में वृद्धि से 60 हजार लोगों को फायदा होगा, वहीं सरकारी खजाने पर 180 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। 

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भाषा विभाग के पुनर्गठन की मंजूरी

भाषा विभाग के कामकाज की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए, पंजाब कैबिनेट ने इसके पुनर्गठन की योजना को मंजूरी दे दी है। इसमें 61 गैर-जरूरी पदों की जगह 13 नए पदों का सृजन शामिल है। इससे सरकारी खजाने पर बोझ घटेगा। मंत्रिमंडल ने सेवा नियमों में संशोधन संबंधी नोटिफिकेशन को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है, जो पर्सोनल विभाग और पंजाब लोक सेवा कमीशन के साथ सलाह मशवरे के जरिये तैयार किए जाएंगे। वित्त विभाग की हिदायतों के मुताबिक भाषा विभाग की तरफ से तैयार किए गए पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्य सचिव के नेतृत्व में अधिकारियों की कमेटी की सिफारिशों के अनुसार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

अनधिकृत टेलीकॉम टावरों को नियमित करने की मंजूरी
पंजाब सरकार ने 5 दिसंबर 2013 से 7 दिसंबर 2020 तक राज्य में स्थापित किए गए अनाधिकृत सभी टेलीकॉम टावरों को नियमित करने का फैसला किया है। कैबिनेट ने इस उद्देश्य के लिए 7 दिसंबर 2020 को जारी टेलीकॉम दिशानिर्देशों की धारा 2.0 (आई) (ए) के उपबंधों का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार यह टावर नियमित होंगे बशर्ते 7 दिसंबर 2020 के दूरसंचार निर्देशों के क्लॉज 1.4 (आई) (ए) में दर्ज शर्तों को पूरा किया जाए और एकमुश्त 20000 रुपये की अदायगी की जाए। यह स्कीम छह माह के लिए है। राज्य के दूरसंचार दिशानिर्देश इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885 के तहत भारत सरकार की ओर से 15 नवंबर 2016 को जारी राइट ऑफ रूल्स के नियमों के मुताबिक है।
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खरीद एजेंसियों को समय पर उठान व भुगतान के निर्देश

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी खरीद एजेंसियों को मौजूदा रबी मंडीकरण सीजन के दौरान गेहूं की लिफ्टिंग में तेजी लाने के साथ-साथ सीधी अदायगी की नई प्रणाली के तहत किसानों को समय पर अदायगी करने के आदेश दिए हैं। कैबिनेट की वर्चुअल मीटिंग के दौरान गेहूं की प्रगति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने कोविड मामलों में वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की पालना सख्ती से करने के आदेश दिए। उन्होंने मंडियों में आ रहे सभी किसानों, आढ़तियों, मजदूरों, खरीद एजेंसियों के मुलाजिमों और अन्य लोग, जो 45 साल से अधिक उम्र के हैं, को राज्य की 145 मार्केट कमेटियों में लगाए टीकाकारण कैंपों में कोविड से बचाव का टीका लगवाने की अपील की। 

राज्य में बारदाने की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के प्रमुख सचिव केएपी सिन्हा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मसला सुलझ गया है और अब बारदाने की कोई कमी नहीं है। शुरुआत में कई मंडियों में बारदाने की कमी के कुछ मामले सामने आए थे, क्योंकि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक विभाग ने खरीद एजेंसियों की जरूरत के विपरीत कुछ बोरियां ही मुहैया करवाईं थीं और गेहूं की अग्रिम आवक ने इसकी मांग एकदम बढ़ा दी थी। 

मीटिंग के दौरान सिन्हा ने बताया कि इस समय गेहूं की भराई के लिए 19.19 करोड़ बोरियां इस्तेमाल की जा चुकी हैं। इसी तरह खरीद एजेंसियों की तरफ से 30 लाख नई बोरियां (एचडीपीई/पीपी) के साथ जूट बैग रोजमर्रा के लिए प्राप्त किए जा रहे हैं और इनको राज्य की अनाज मंडी में सप्लाई किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों के चल रहे आंदोलन, शुरुआत में आढ़तियों की तरफ से सीधी अदायगी का विरोध करने, लेबर की कमी, बारदाने की कमी के साथ-साथ गेहूं की तेज आवक और कोविड केस बढ़ने की चुनौतियों के बावजूद निर्विघ्न खरीद पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने खरीद के सुचारु कार्यों के लिए खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भारत भूषण आशु को बधाई दी।

पंजाब कैबिनेट ने पूर्व मुख्य सचिव रत्तड़ा के निधन पर शोक जताया
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को राज्य के पूर्व मुख्य सचिव वाईएस रत्तड़ा के देहांत पर दुख व्यक्त किया। मीटिंग के दौरान मंत्रिमंडल ने पंजाब की सेवा और राज्य की बेहतरी के लिए दिए उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उनको काबिल अफसर और बढ़िया व्यक्ति के तौर पर याद किया। कैप्टन ने रत्तड़ा को अपने पुराने मित्र और कुशल सिविल प्रशासक के तौर पर याद करते हुए कहा कि हम दोनों ने फौज में एकसाथ कमीशन हासिल किया था, लेकिन रत्तड़ा इंजीनियरिंग कोर में चले गए, जबकि मैं इनफैंटरी से जुड़ गया। मुख्य सचिव विनी महाजन ने भी रत्तड़ा को सच्चा और ईमानदार अफसर बताया, जबकि राणा सोढी ने उनके देहांत को पंजाब के लिए बड़ी क्षति बताया।
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