पंजाब कैबिनेट ने गुरुवार को जेल एक्ट, 1894 के तहत पंजाब जेल नियमावली, 2021 को मंजूरी दे दी। नए नियम पुराने समय से चली आ रही जेल नियमावली की जगह लेंगे। मंत्रिमंडल ने माना कि समय बीतने के साथ पंजाब जेल मैनुअल, 1996 की व्यवस्था भी पुरानी हो गई है और बदलते समय में इसके आधुनिकीकरण, जेल कंप्यूटरीकरण, मौजूदा तकनीक और नवीनतम कानूनों को अपडेट करने की अत्यंत जरूरत है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार पंजाब जेल मैनुअल, 1996 में मुख्य तौर पर कैदियों की सुरक्षा और सुरक्षित हिरासत पर ज्यादा ध्यान दिया गया था। नए तैयार किए गए पंजाब जेल नियम, 2021 में न केवल कैदियों की सुरक्षा और सुरक्षित हिरासत बल्कि अन्य पहलुओं जैसे कल्याण, सुधार और देखभाल पर भी जोर दिया गया है, जो मौजूदा समय में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
प्रभावशाली निगरानी, सुरक्षित हिरासत और भागने की घटनाओं की रोकथाम के लिए नए नियमों में सुरक्षा के नए मापदंड पेश किए गए हैं। उच्च जोखिम वाले कैदियों जैसे गैंगस्टरों, नशों से जुड़े अपराधी, आतंकवादी, कट्टरपंथी के रहने के लिए ‘जेलों के अंदर जेलें’ यानी उच्च सुरक्षा घेरे/जोन बनाए गए हैं।
इनकी बुनियादी ढांचों की जरूरतों को परिभाषित किया गया है। ये वायरलेस सेट, अलार्म सिस्टम, समर्पित पावर बैकअप, हैंड-हेल्ड और डोरफ्रेम मेटल डिटेक्टर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं, क्लोज्ड सर्किट टीवी कैमरे, एक्स-रे बैगेज मशीन, बॉडी स्कैनर और कई अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ लैस होंगे। जेल अधिकारियों के लिए कल्याण फंड, कर्मचारियों को उनकी शिफ्ट के दौरान खाना, कानूनी सहायता, मकान, डॉक्टरी सहायता, वित्तीय सहायता, सेवामुक्त अधिकारियों के कल्याण के उचित प्रबंध किए गए हैं।