दाखा के अधीन आते शहीद करतार सिंह सराभा के गांव सराभा में रविवार को उस समय हंगामा हो गया, जब प्रचार खत्म होने के बाद इलाके में बाहरी कांग्रेसी विधायक और अन्य कार्यकर्ताओं के घूमने की सूचना मिलते ही अकाली प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली अपने सैकड़ों साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। गांव में हंगामे की सूचना मिलते ही एसपी राजवीर सिंह बोपाराय, डीएसपी गुरबंस सिंह बैंस और अन्य पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई।
अकालियों का आरोप था कि फिरोजपुर के जीरा हलके से विधायक कुलबीर सिंह जीरा और यूथ नेता कमलजीत सिंह बराड़ इलाके में देर रात को भी थे। जबकि चुनाव प्रचार के बाद बाहर से प्रचार करने आने वाले लोगों को वापस जाना होता है।
आरोप है कि दोनों नेता साथियों के साथ मिलकर गांव सराभा के लोगों को उनके हक में वोट देने की धमकियां दे रहे थे कि अगर कोई बूथ पर कांग्रेस के अलावा किसी को वोट डालने गया तो उसे मामला दर्ज करवाकर गिरफ्तार करवा लिया जाएगा।
रविवार को फिर से दोनों के इलाके में घूमने की सूचना मिलते ही अकाली दल के प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली अपने साथियों को साथ लेकर गांव पहुंच गए। इतने में पुलिस भी वहां पहुंच गई।
अयाली ने आरोप लगाया कि विधायक कुलबीर सिंह जीरा और उसके साथी लगातार अकाली वर्करों को धमका रहे है। उनके परिजनों को उठवाने की धमकियां दे रहे हैं। जब अकाली दल के साथी पहुंचे तो जीरा साथियों के साथ दफ्तर की दीवार फांद कर फरार हो गया।
सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ बाहरी लोग घूम रहे हैं। अकाली दल वाले उन्हें कांग्रेसी बता रहे है। शिकायत देने वाले खुद ही धारा 144 का उल्लंघन कर रहे हैं। अकाली दल के प्रत्याशी और बाकी वर्करों को जाने के लिए कहा गया था, लेकिन कोई जाने को तैयार नहीं है। माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई ढील नहीं की जाएगी। जो कानून का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी चाहे वह किसी भी पार्टी से हो।
राजवीर सिंह बोपाराय, एसपी