आप मंत्री व विधायकों के साथ उनकी जमकर बहस भी हुई। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही मार्शलों ने वड़िंग को उठाकर सदन से बाहर कर दिया। उन्होंने इस कार्रवाई का काफी विरोध करने का भी प्रयास किया लेकिन मार्शलों ने उन्हें बाहर ले गए। स्पीकर ने कहा कि विधानसभा की तरफ से नियम बनाए जाते हैं और सभी सदस्यों का यह फर्ज है कि उन नियमों का पालन करें।
अगर खुद ही हम नियमों का पालन नहीं करेंगे तो क्या फायदा। कांग्रेस को अपनी बात रखने के लिए तय समय से 10 मिनट का अधिक समय दिया गया था। दरअसल, कांग्रेस विधायकों के लिए 28 मिनट बहस के लिए निर्धारित किए गए थे लेकिन इसमें से अधिकतर समय नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने ले लिया। इसके बाद ही वड़िंग को बात रखने के लिए पांच मिनट का ही समय मिल पाया।
मालवा में नहर की घोषणा का बजट में प्रावधान नहीं: वड़िंग
राजा वड़िंग ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने जो कर्ज पांच साल के अंदर लिया था, उससे अधिक तो वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार आप सरकार तीन साल के अंदर ही ले लेगी। इस तरह प्रदेश में बजट को उभारने के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में 7400 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो काफी नहीं है। मालवा के लिए नहर की घोषणा तो कर दी गई है लेकिन इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में कैसे ये नहर बनेगी, ये बजट में कहीं पर भी दिखाई नहीं दे रहा है।