सीआईसीयू के प्रधान उपकार सिंह आहुजा ने कहा कि पंजाब सरकार के बजट में पूरी तरह से हमें निराश किया है। वित्तमंत्री ने बजट में इंडस्ट्री को पूरी तरह से नजर अंदाज किया है। एक तरह से उन्होंने चुनावी बजट पेश किया है। हम सरकार से इंडस्ट्री को इंफ्रास्ट्रक्चर देने की मांग कर रहे थे लेकिन बजट में कुछ नहीं दिया गया। हमने नए इंडस्ट्रियल एरिया और फोकल प्वाइंट देने की मांग की लेकिन बजट में कुछ नहीं दिया गया। वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों के साथ धार्मिक स्थलों को भी बहुत कुछ दिया है लेकिन समझ नहीं आया कि इंडस्ट्री को क्यों भूल गए।
24 घंटे दुकान खोलकर क्या करेंगे
पंजाब सरकार के इस बजट ने छोटे कारोबारियों को पूरी तरह मायूस किया है। हमें बड़ी उम्मीद थी कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट कम कर राहत देगी। कारोबारियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी पर बजट में कुछ नहीं कहा गया। दुकानदारों को 24 घंटे दुकानें खोलने का प्रावधान कर दिया है लेकिन 24 घंटे दुकानें खोलकर करेंगे क्या। दिन में दुकानदारों की कोई सुरक्षा नहीं है और रात में कौन करेगा। दुकान खोलने का तभी फायदा होगा, जब ग्राहक भी आएं। बजट में दिया तो कुछ भी नहीं। - सुनील मेहरा, महासचिव पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल।
पंजाब की इंडस्ट्री को किया अनदेखा
कोरोना महामारी के कारण हर कारोबार मंदी की चपेट में है। बजट से हमें उम्मीद थी कि सरकार राहत का पिटारा खोलेगी। सरकार ने पूरी तरह से इंडस्ट्री को अनदेखा कर दिया है। बिजली में कोई राहत नहीं मिली है। सरकार पांच रुपये यूनिट बिजली देने का दावा करती है। लेकिन असल में सात रुपये से लेकर 18 रुपये यूनिट कारोबारी को मिल रही है। पांच रुपये यूनिट पर फिक्ड चार्ज और 23 फीसदी टैक्स लिया जा रहा है। बजट में फिक्स चार्ज और टैक्स में राहत दी जा सकती थी। - बदीश जिंदल, राष्ट्रीय प्रधान आल इंडस्ट्री एंड ट्रेड फोरम।
पंजाब के बजट का स्वागत करते हुए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पंजाब स्टेट चैप्टर के मेंटर आरएस सचदेवा ने कहा है कि बजट से राज्य के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी और उद्योग व कृषि दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा। सचदेवा ने कहा कि पंजाब के विभिन्न जिलों में उद्योग और निवेश प्रोत्साहन के जिला ब्यूरो की स्थापना एक स्वागत योग्य कदम है।
विभिन्न अनुमोदन और मंजूरी के लिए उद्योग सदस्यों को पंजाब ब्यूरो कार्यालय का दौरा करने की आवश्यकता नहीं है। यह राज्य में व्यापार करने में आसानी में मदद करेगा।
उन्होंने विभिन्न नियामक मंजूरी के लिए औद्योगिक अनुमोदन के बुनियादी ढांचे और वैधानिक तंत्र के उन्नयन का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ब्याज मुक्त ऋण के बकाएदारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) नीतियां, पीएसआईईसी भूखंड धारकों के रद्द आवंटन की बहाली के लिए बढ़ी हुई भूमि की लागत पीएसआईईसी प्लॉट धारकों की वसूली के लिए और पीएसआईडीसी / पीएफसी के लेन और इक्विटी धारकों के लिए परेशानी कम करने और निवेशकों को सुविधा प्रदान करेगा।