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पीयू पर ‘राहत’ की बारिश तो हुई लेकिन ‘बंदिशों’ का शिकंजा भी, जानिए कैसे?

Wed, 21 Jun 2017 09:16 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Manpreet Badal on Punjab university
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आर्थिक संकट से जूझ रही पंजाब यूनिवर्सिटी पर ‘राहत’ की बारिश तो हुई लेकिन ‘बंदिशों’ का शिकंजा भी कस दिया गया है। यूजीसी ने जहां पंजाब यूनिवर्सिटी को 10 करोड़ रुपये वृद्धि के साथ 207.80 करोड़ का सालाना बजट जारी कर दिया है, वहीं मंगलवार को पंजाब सरकार ने भी पीयू को अपना दिए जाने वाले निर्धारित हिस्से के फंड को 26 करोड़ से बढ़ाकर 33 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा अब एमएचआरडी के निर्देशों पर पंजाब यूनिवर्सिटी को कई शर्तों के दायरे में ले लिया गया है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी को मिली ये राहत
- पंजाब यूनिवर्सिटी को यूजीसी ने वर्ष 2017-18 के लिए 207.80 करोड़ का सालाना बजट जारी कर दिया है। जबकि वर्ष 2016-17 में ये बजट 197.73 करोड़ था और वर्ष 2015-16 में बजट 176 करोड़ था। इस सत्र में यूजीसी ने 10 करोड़ का इजाफा किया है।
- इसके अतिरिक्त वर्ष 2018-19 सत्र के लिए यूजीसी ने पीयू को दिए बजट में 6 फीसदी बढ़ोतरी का भी आश्वासन दिया है
- पंजाब सरकार ने मंगलवार को जारी बजट में अपने हिस्से को 26 करोड़ से बढ़ाकर 33 करोड़ कर दिया है।
 

ये होंगी चुनौतियां

Punjab University VC Arun Grover Press conference - फोटो : File Photo
ये होंगी चुनौतियां
 पंजाब सरकार ने पीयू को अपने हिस्से का निर्धारित बजट 7 करोड़ बढ़ाकर 33 करोड़ कर दिया है। लेकिन बड़ी चुनौती यह कि ये राशि पीयू को कब मिलेगी?
- पीयू एक इंटर स्टेट बॉडी है, इसका बजट 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत पंजाब द्वारा वहन करना तय हुआ था
- मगर, वर्ष 2011-12 में पंजाब ने अपना बजट का हिस्सा सिर्फ 20 करोड़ तय कर दिया। वर्ष 2013-14 में इसे 26 करोड़ किया गया। मगर इस साल की शुरूआत में  पंजाब सरकार के एडिशनल चीफ  सेक्रेटरी (फाइनेंस) ने मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर साफ कहा था कि पंजाब की वर्तमान आर्थिक हालत फिलहाज ज्यादा बेहतर नहीं है। सारा हिस्सा केंद्र सरकार ही वहन करे।
- अब यूजीसी ने आग्रह किया है कि  पंजाब सरकार पीयू को दिए जाने वाला अपना शेयर कम से कम यूजीसी के हिस्से के अनुपात में तो बढ़ाए, लेकिन पंजाब सरकार की मर्जी रहेगी कि इस आग्रह को स्वीकार करना है या नहीं?

पंजाब का फंड में बढ़ोतरी का फैसला स्वागत योग्य है। पंजाब ने अपने हिस्से में 7.8 प्रतिशत सालाना की वृद्धि की है। इससे पंजाब यूनिवर्सिटी को कुछ राहत मिलेगी। यूजीसी ने भी दस करोड़ इजाफेके साथ सालाना बजट पीयू को जारी किया है।
-अरुण ग्रोवर, वीसी, पंजाब यूनिवर्सिटी
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पंजाब यूनिवर्सिटी पर रहेंगी ये बंदिशें

VC Arun Grover On PU - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी पर रहेंगी ये बंदिशें
 पंजाब यूनिवर्सिटी को अब जनरल फाइनेंशियल रूल्स 2017 का अनुसरण करना होगा और अपने फाइनेंशियल प्रोसिजर के मैनुअल में इसी नियम के तहत संशोधित करना होगा
- पीयू को अब सीएजी(डीपीसी) एक्ट 1971 के तहत कैग की इंस्पेक्शन के दायरे में आना होगा
- कैग के अतिरिक्त पीयू को अब एचएचआरडी के अंतर्गत प्रिंसिपल अकाउंट आफिस (पीएओ) की इंटरनल आडिट के दायरे में भी आना होगा यानी पीयू के खर्च व आय पर कैग समेत पीएओ की पूरी नजर रहेगी।
- पीयू को अब टीचिंग व नॉन टीचिंग पद पर नियुक्ति से पहले यूजीसी/एमएचआरडी की सहमति लेनी होगी
- यूजीसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि पीयू ने पिछले तीन साल का अकाउंट आडिट करवाया है
- यूजीसी के पास अब यह भी अधिकार रहेगा कि यदि पीयू की वित्तीय स्थिति और पंजाब सरकार के वित्तीय हिस्से की समीक्षा में कुछ असंतोष सामने आया तो यूजीसी पीयू को जारी अपने सालाना बजट में कैंची चला देगा।
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