पंजाब में किसानों के साथ-साथ खेत मजदूरों के कर्ज भी माफ किए जाने की मांग कर रहे शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा में उस समय हंगामा काटा, जब वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल बजट भाषण दे रहे थे। हंगामा तब शुरू हुआ जब मनप्रीत बादल ने बजट में किसानों के कर्ज माफ करने के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने का जिक्र किया। वित्त मंत्री का विरोध करते हुए शिअद विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान बिक्त्रस्म सिंह मजीठिया ने बजट की प्रति भी फाड़ दी। शिअद सदस्यों का यह हंगामा तब तक जारी रहा, जब तक मनप्रीत बादल ने पूरा बजट पढ़ नहीं लिया।
पत्रकारों से बातचीत में शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने बजट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सूबे के निर्दोष किसानों और खेत मजदूरों के साथ कांग्रेस सरकार की धोखाधड़ी के सिवा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार को कर्ज माफी के अपने वादे से मुकरने और किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के बजट दिवस को पंजाब से किसानों के लिए बुरा दिन करार देती है। कैप्टन सरकार ने पंजाब के लोगों को धोखा दिया है।
शिअद प्रधान ने कहा कि 1500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान प्रति किसान 14705 रुपये का कर्ज ही माफ कर सकता है, दो लाख रुपये का नहीं, जैसाकि सोमवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सदन में कहा था। सुखबीर ने इसे कांग्रेस सरकार की अत्यंत अमानवीय और क्रूरता बताते हुए कहा कि खुदकुशी करने वाले किसान के लिए पांच लाख रुपये दिए जा रहे हैं और कर्ज माफी केवल 14705 रुपये ही की जा रही है। ऐसे हालात में किसान कैसे जिंदा रहेंगे। यह इस सरकार का अत्यंत बेरहम अधिनियम है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन सदन में विरोधाभाषी बयान देकर पूरे सदन और पंजाब की जनता को गुमराह करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगा।