फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब बजट: एक क्लिक में देखिए, किसे क्या मिला?

Thu, 17 Jul 2014 05:14 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने बुधवार को विधानसभा में 2014-15 का बजट पेश किया। एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज और 4252 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे के बावजूद वित्त मंत्री ने जनता पर टैक्स का नया बोझ नहीं डाला है।
विज्ञापन


साथ ही नशे की गर्त में डूबती जा रही पंजाब की जवानी को भी उबारने की पहल की है। पहली बार बजट में ड्रग डी एडिक्शन के लिए खास प्रावधान किया गया है। एक तरह से 2014 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बजट में सबको खुश करने की कोशिश की गई है।

बजट में घाटे की भरपाई के लिए ढींढसा ने नए कर लगाने के बजाय टैक्स चोरी रोकने सहित केंद्रीय ग्रांटों और दो साल से रुके पड़े सेंट्रल टैक्स के हिस्से की प्राप्ति पर ध्यान केंद्रित किया है। वहीं, प्रशासनिक खर्च घटाने के लिए अधिकारियों को अलग से निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही राजस्व खर्च के बजाय कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर दिया गया है।
विज्ञापन

सबको खुश करने की कोशिश

जनता को सब्सिडी देने से संबंधित नई स्कीमों के स्थान पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए अधिक राशि रखी गई है। बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, शहरी एवं ग्रामीण विकास, एससी/बीसी कल्याण मदों के बजट में भारी इजाफा किया गया है।

युवा वर्ग पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए जहां स्किल डेवलपमेंट के लिए अलग से फंड रखा गया है, वहीं नशे की समप्ति के लिए खास प्रावधान रखा गया है। युवाओं से संबंधित इस मिशन को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल खुद मॉनिटर करेंगे। प्रदेश को बिजली सरप्लस बनाने की बात भी बजट का हिस्सा है।

इसके साथ ही पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के लिए वार्षिक योजना में 25 फीसदी का इजाफा करते हुए इसका आकार 20,100 करोड़ रुपये तय किया गया है तथा इसकी 85 फीसदी तक इंप्लीमेंटेशन का दावा वित्त मंत्री ने किया है। 2013-14 की वार्षिक योजना 16125 करोड़ रुपये की थी।

जनता को अधिक सुविधाएं देने की कोशिश

स्पष्ट है कि अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपने असंतोषजनक प्रदर्शन से सबक लेते हुए जहां आम आदमी पर करों का और बोझ डालने से हाथ खींचे हैं, वहीं आधारभूत ढांचे की मजबूती पर ध्यान केंद्रित करते हुए जनता को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की तरफ कदम बढ़ाया है।

किस सेक्टर को कितनी राशि
कृषि और इससे संबंधित गतिविधियां: 6539 करोड़
शिक्षा, खेलकूद, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियां: 8337 करोड़
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण: 2696 करोड़
हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट, सेनिटेशन: 2725 करोड़
एससी/एसटी/बीसी कल्याण: 949 करोड़
ग्रामीण विकास: 1379 करोड़
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण: 2630 करोड़
समाज कल्याण एवं आहार पुष्टि: 2474 करोड़
बिजली: 3200 करोड़
विज्ञापन

बजट एक नजर

कुल आकार: 73,593 करोड़ (15000 करोड़ की लोन ट्रांजेक्शन सहित)
वास्तविक आकार: 58,593 करोड़
राजस्व घाटा: 4,252 करोड़
वित्तीय घाटा: 10,373 करोड़
राजस्व घाटा: 4252.63 करोड़
वार्षिक योजना में इजाफा: 4,000 करोड़ का

यहां से होगी भरपाई
टैक्स चोरी रोकने सहित केंद्रीय ग्रांटों, सीएसटी से
राजस्व खर्च के बजाय कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर
प्रशासनिक खर्च पर लगाई जाएगी लगाम
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें