कुवैत में फंसे भारतीय युवक, परिजनों ने पीएम मोदी से मांगा सहयोग
हत्या के मामले में गिरफ्तार और सवा दो साल से कुवैत जेल में बंद पंजाब और राजस्थान के 10 नौजवानों के परिजनों की नींद उड़ गई है। 28 नवंबर को अदालत को इस मामले में फैसला सुनाना है। जैसे-जैसे मामले की आखिरी सुनवाई की तारीख नजदीक आती जा रही है, उनकी उम्मीद कम होने लगी है।
नौजवानों के परिवारों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि वह निजी स्तर पर इस मामले को कुवैत सरकार के सामने उठाकर उनके बच्चों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।
कुवैत की एक कंपनी में मजदूरी करने गए पंजाब के विभिन्न जिलों के 10 नौजवानों का मिस्र के मजदूरों के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद उनको स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया था।
दो साल बीत जाने के बाद भी संतोख सिंह निवासी कपूरथला, रुलरु राम पुत्र दर्शन राम निवासी बडला, गुरप्रीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी मोगा, तरसेम पुत्र शिंगारा राम निवासी चूहड़वाली, सतपाल सिंह पुत्र मदन लाल निवासी अटारी नवांशहर, सोहन पुत्र हरभजन सिंह निवासी बसी जलाल टांडा, सुरजीत पाल पुत्र दर्शन राम निवासी बडला, विजय कुमार पुत्र गुरवचन सिंह निवासी कपूरथला और रूप सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी सीहड़ा गुरदासपुर जेल में बंद है।