कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान संगठनों से भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मानकर आंदोलन खत्म करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें सरकार ने काफी हद तक मान ली हैं लेकिन कुछ किसान यूनियन अभी भी अड़ी हैं। वे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सतपाल गोसाईं की याद में रखे अंतिम अरदास समारोह में शामिल होने लुधियाना पहुंचे थे। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि किसान भाइयों ने जिन मुद्दो पर शंका जाहिर की थी, उनमें सबसे बड़ा मुद्दा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का था। सरकार ने उन्हें में लिखित देने का प्रस्ताव भेजा है। अब किसान यूनियनों को अपना फैसला बदल देना चाहिए और आंदोलन खत्म कर घरों को चले जाना चाहिए। इसी में सबकी भलाई है। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने कहा कि कुछ संगठन राजनीतिक तौर पर भाजपा का विरोध करने पर अड़ी हैं, ताकि सरकार को तंग कर राजनीतिक रोटियां सेकी जाएं।
उन्होंने ऐसे लोगों से अपील की है कि वह ऐसे मौके तलाशने के बजाय अमन शांति बनाएं। उन्होंने कहा कि किसानों पर कांग्रेस राजनीति कर रही है और कांग्रेस ने हमेशा आग में तेल डालने का ही काम किया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वह सरकार के प्रस्ताव को मानकर अपने काम धंधे पर लौटें।
गुमराह होने से बचें किसान : तरुण चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कृषि कानूनों पर विपक्ष व असामाजिक तत्वों द्वारा किए जा रहे भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार के कारण किसानों के गलतफहमी का शिकार होने पर खेद व्यक्त किया है। केंद्र द्वारा किसान नेताओं की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए सात संशोधनों का वादा करने के बाद किसानों से अपना विरोध वापस लेने का आग्रह करते हुए चुघ ने कहा कि किसानों को झूठे प्रचार से गुमराह नहीं होना चाहिए।
चुघ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सात बिंदुओं जिसमें एमएसपी और मंडियां आदि शामिल हैं, को जारी रखने की बात कही गई है। किसानों को सभी संदेह वार्ता के जरिये दूर करना चाहिए और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास करना चाहिए। मोदी सरकार किसानों को ईमानदारी से सशक्त बना रही है, ताकि उनकी आय दोगुनी हो और कृषि व्यवसाय लाभदायक बने।