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Chandigarh News: पंजाब बंद........... बंद के आगे थमे पहिये, बस अड्डों पर ठिठकी जिंदगी

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चंडीगढ़/मोहाली/जीरकपुर/बरवाला। कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को बुलाए गए पंजाब बंद ने चंडीगढ़-मोहाली की सड़क और बस सेवा की रफ्तार थाम दी। पंजाब जाने वाली सीटीयू बसें सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक प्रभावित रहीं। लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मानसा, डेरा बाबा नानक, अमृतसर और पठानकोट जाने वाली 22 लंबी दूरी की बसें नहीं चलीं जबकि 100 से ज्यादा लोकल बसें भी प्रभावित रहीं। आईएसबीटी-43 में सैकड़ों यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। न्यू चंडीगढ़ के होमी भाभा कैंसर अस्पताल से पति को दिखाकर लौट रहीं बलविंदर कौर जालंधर की बस के लिए तीन घंटे बैठी रहीं। आईएसबीटी-17 में अंबाला जाने वाले यात्री फंसे रहे। नई दिल्ली की बसें रामगढ़ होकर निकाली गईं जिससे अंबाला रूट मिस हो गया। उधर, मोहाली में सात घंटे और पंजाब-हरियाणा सीमा पर बरवाला-डेराबस्सी मार्ग करीब आठ घंटे आवाजाही बाधित रही।

सात घंटे प्रभावित रही पंजाब की बस सेवा
सुबह करीब पांच बजे निकली सीटीयू की बसें अपने गंतव्य तक पहुंच गईं लेकिन सात बजे के बाद पंजाब की ओर जाने वाली बसों का संचालन रोक दिया गया। कई बसें सीमा के पास बंद खुलने का इंतजार करती रहीं। दोपहर तीन बजे के बाद बस सेवा शुरू हुई। सीटीयू के जीएम अमित गुप्ता ने बताया कि बसों को आगे नहीं जाने दिए जाने की जानकारी मिलने पर उन्हें केंद्र से ही रवाना नहीं किया गया। डेराबस्सी और जीरकपुर की लोकल बस सेवा प्रभावित नहीं हुई।
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न्यू चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र से पति राजबीर सिंह को दिखाकर लौट रहीं बलविंदर कौर को जालंधर जाने वाली बस के लिए आईएसबीटी-43 में तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके पति कैंसर मरीज हैं और बंद की जानकारी पहले नहीं थी। बस नहीं मिलने पर उन्हें पति को बाहर से ही चाय आदि पिलानी पड़ी। डेरा बाबा नानक निवासी अवतार सिंह भी दो घंटे से ज्यादा बस का इंतजार करते रहे। सेक्टर-43 में बच्चों की एक टीम भी करीब दो घंटे तक जमीन पर बैठी रही।

एयरपोर्ट बस सेवा भी प्रभावित रही
सीटीयू की एयरपोर्ट बस सेवा भी प्रभावित रही। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अवरोध वाले स्थानों से जाने दिया गया। कई यात्री प्रदर्शनकारियों से मिन्नतें करते नजर आए और बस नहीं मिलने पर टैक्सी व अन्य साधनों से एयरपोर्ट पहुंचे। राजपुरा, बनूड़, मोहाली, खरड़, लांडरा और रोपड़ की ओर गई बसें भी तीन बजे के बाद लौटीं।

मोहाली में सात घंटे थमी रफ्तार
सुबह सात से दोपहर दो बजे तक मोहाली के कई हिस्सों में सड़क और बाजार प्रभावित रहे। फेज-7 की मुख्य लाइटों पर प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोककर जाम लगाया। राहगीरों और प्रदर्शनकारियों में बहस हुई। कुछ प्रदर्शनकारी तलवारें और डंडे लिए नजर आए। वाहनों को निकालने की कोशिश में कई बार तनाव की स्थिति बनी और पुलिस से भी विवाद हुआ। एयरपोर्ट रोड पर गोपाल जंक्शन और चीमा लाइट पॉइंट के पास पुल, खरड़-बलौंगी फ्लाईओवर पर देसू माजरा जंक्शन और बलौंगी के पास यातायात प्रभावित रहा। कई जगह वाहनों की कतारें लगीं। कुछ लोग वाहन छोड़कर पैदल निकले।
निजी कंपनियों के कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाए। कुछ वाहन में फंसे रहे तो कुछ वाहन छोड़कर पैदल गए। शॉपिंग स्ट्रीट समेत कई प्रमुख बाजार बंद रहे, जबकि कुछ मॉल खुले रहे। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को आवाजाही की छूट मिली। मोहाली पुलिस ने करीब 1,500 जवान बाजारों, चौकों, जंक्शनों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए।

सीमा पर आठ घंटे बंद रहा रास्ता
बरवाला-डेराबस्सी मार्ग पर पंजाब-हरियाणा सीमा सुबह सात बजे से करीब आठ घंटे बंद रही। केवल एंबुलेंस और बीमारी से पीड़ित लोगों को आवाजाही की अनुमति दी गई। बरवाला और पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को बरवाला-रामगढ़-पंचकूला मार्ग से डायवर्ट किया। इसके बावजूद लोगों को परेशानी हुई। कई लोग वाहन छोड़कर पैदल सीमा पार करते दिखे। वाहन चालकों और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस भी हुई। दोनों राज्यों की पुलिस मुस्तैद रही।
रामगढ़ से डेराबस्सी की बस सेवा भी ठप रही। निजी वाहन चलते रहे। यात्रियों ने बंद का आह्वान करने वाले संगठनों से अपील की कि मांगों के लिए आंदोलन के दौरान आम लोगों की बस सेवा बाधित न की जाए।

बंद से चंडीगढ़ की सड़कें हुईं खाली
पंजाब बंद का असर चंडीगढ़ के ट्रैफिक पर उलटा भी दिखा। सामान्य दिनों में पंजाब के अलग-अलग शहरों से करीब 10 से 15 हजार वाहन रोजाना चंडीगढ़ आते हैं। शुक्रवार को इनकी संख्या कम रही। जीरकपुर-चंडीगढ़ बॉर्डर के मुख्य प्रवेश मार्ग पर पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस ने नाकाबंदी की और 200 से 250 जवान तैनात रहे। शहर के सभी एंट्री-एग्जिट प्वाइंट पर करीब 700 पुलिसकर्मी लगाए गए।
जीरकपुर, मोहाली, खरड़, डेराबस्सी, लालड़ू और पटियाला से नौकरी-कारोबार के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी कम रही। सामान्य दिनों में जीरकपुर से सेक्टर-9 तक 45 से 50 मिनट लगते हैं लेकिन शुक्रवार को कम ट्रैफिक के कारण यह सफर 20 से 22 मिनट में पूरा हुआ। शहर के प्रमुख मार्गों पर पीक आवर में भी जाम कम रहा।

स्कूलों में छुट्टी, ऑनलाइन पढ़ाई सरकारी स्कूल खुले
बंद को देखते हुए सेक्टर-32 के सॉपिन्स स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक छुट्टी रही। सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल समेत कई निजी स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं हुईं। सरकारी स्कूल सामान्य रूप से खुले रहे। इंडस्ट्रियल एरिया, मध्यमार्ग और सेक्टर-20, 21, 33 व 34 समेत कई कारोबारी क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट, जिला अदालत, पंजाब सचिवालय और पंजाब सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन के कार्यालय खुले रहे लेकिन पंजाब से आने वाले कर्मचारियों की संख्या कम रही। जीरकपुर, बलटाना, मोहाली और आसपास रहने वाले कर्मचारी ही मशक्कत के बाद कार्यालय पहुंच पाए।

जीरकपुर में मिला-जुला असर
जीरकपुर के मुख्य बाजारों और कई इलाकों में दुकानों के शटर गिरे रहे जबकि बड़े मॉल, नामी कंपनियों के शोरूम और कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे। कहीं तोड़फोड़, जबरन दुकानें बंद कराने या किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कुछ जगह शराब की दुकानें भी खुली रहीं। यहां बंद का असर आंशिक रहा।

अस्पताल में ओपीडी आधी से कम
मोहाली के फेज-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी में भी बंद का असर दिखा। सामान्य दिनों में करीब 1,800 मरीज आने वाली ओपीडी में शुक्रवार को करीब 800 मरीज पहुंचे। अस्पताल और वार्डों में भीड़ कम रही। जच्चा-बच्चा वार्ड में भी मरीज सामान्य से कम रहे। इसके बावजूद जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और इमरजेंसी सुविधा जारी रही।
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क्या कहते हैं सीटीयू के जीएम
सीटीयू के जीएम अमित गुप्ता ने कहा कि पंजाब बंद की वजह से सीटीयू की सेवाएं सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक प्रभावित रहीं। बसों को आगे नहीं जाने दिए जाने की जानकारी मिलने पर उन्हें केंद्र से रवाना नहीं किया गया। दोपहर तीन बजे के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। नई दिल्ली के लिए बसों को रामगढ़ से निकाला गया जिससे अंबाला रूट मिस हो गया।
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