वाल्मीकि समाज के अग्रणी नेता राजेश भट्टी व राजकुमार राजू का कहना है कि वे शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बाजार बेशक बंद रखे गए हैं लेकिन चिकित्सा सुविधाओं जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई। बंद के दौरान ड्यूटी पर तैनात एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और सैन्य वाहनों को नहीं रोका गया। भट्टी ने कहा कि जालंधर बंद पूर्ण रूप से शांतिपूर्वक रहा। प्रदर्शनकारियों को पहले ही कहा गया था कि हिंसा का रास्ता अख्तियार नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, बाजार व मॉल्स 100 फीसदी बंद रहे। शराब के ठेके खुले थे लेकिन कुछ समय बाद वह भी बंद हो गए।
फरीदकोट जिले में नहीं दिखा बंद का असर
मणिपुर की घटनाओं को लेकर पंजाब बंद के आहवान का फरीदकोट जिले में कोई असर नहीं देखने को मिला। फरीदकोट और कोटकपूरा समेत जिले के सभी शहरों व कस्बों के बाजार आम दिनों की तरह खुले रहे। हालांकि इस दौरान विभिन्न संगठनों ने फरीदकोट व कोटकपूरा शहर में केंद्र सरकार के खिलाफ धरने देकर रोष मार्च निकाला और प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
गुरदासपुर में दिखा बंद का असर
गुरदासपुर पूर्ण रूप से बंद रहा। हालांकि मेडिकल स्टोर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। इस दौरान मसीह भाईचारे ने रोष मार्च निकालकर खुली हुई दुकानों को बंद करवाया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मसीह भाईचारे के नेताओं ने कहा कि पिछले तीन महीने से मणिपुर में हालात बदतर बने हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार किया जा रहा है। लगातार 300 से अधिक धार्मिक स्थलों को आग लगा दी गई है जबकि तोड़फोड़ भी की जा रही है। इस घटना से कई मसीह भाईचारे के लोग बेघर हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने चुप्पी साध रखी है। मसीह भाईचारे के बंद का समर्थन दुकानदारों ने भी किया। उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखीं। उधर, पुलिस भी मुस्तैद रही और सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुलाजिम तैनात दिखे।
लुधियाना में नहीं दिखा असर
लुधियाना में पंजाब बंद का असर देखने को नहीं मिला। शहर के सभी बाजार खुले थे। हालांकि एहतियात के तौर पर कुछ स्कूल वालों ने पहले ही छुट्टी का एलान कर दिया था। बुधवार को महानगर के पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू खुद सड़कों पर दिखे। उन्होंने शहर का दौरा किया।
बंद की कॉल के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था शुरु कर दी थी। बुधवार को एक हजार के करीब पुलिस मुलाजिम सड़कों पर थे। बंद की कॉल के कारण एक दिन पहले ही पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला था। स्कूल, कॉलेजों के आस-पास पुलिस बल तैनात है। महानगर के एंट्री पॉइंट पर पुलिस ने नाकाबंदी की थी।
जालंधर बाइपास चौक पर कुछ लोग सुबह धरना देने पहुंचे थे लेकिन समय रहते पुलिस ने स्थिति कंट्रोल करके उन्हें लौटा दिया। पुलिस कमिश्नर मनदीप सिंह सिद्धू खुद शेरपुर चौक, ढंडारी, ढोलेवाल, विश्वकर्मा चौक, जगरांव पुल का दौरा करने पहुंचे। पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि मणिपुर हिंसा के विरोध में कुछ लोगों ने बंद की कॉल दी थी। पुलिस बल सतर्क है। आमजन को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। फिलहाल महानगर की स्थिति शांतिपूर्ण है। महानगर के लोगों का पुलिस को हमेशा ही साथ मिला है।
बठिंडा में बंद रहा बेअसर
उधर, बठिंडा में पंजाब बंद का एलान बुधवार को बेअसर रहा। इसके अलावा पुलिस ने बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन की जांच भी की। तलाशी अभियान की अगुवाई एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने की। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि किसी भी शरारती तत्व को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिलेभर में पूरा दिन तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा पुलिस ने संदेहजनक व्यक्तियों पर पूरी तरह से नजर बनाए रखी है। शहर में पूरा दिन हर रोज की तरह बाजार खुलें रहे और रोजमरा की तरह लोग अपने अपने कामों पर गए। शहर के मुख्य धोबी बाजार, सिरकी बाजार और रेलवे बाजार भी पहले की तरह खुले थे।
होशियारपुर रहा बंद, स्कूल भी नहीं खुले
होशियारपुर में बंद का असर देखने को मिला। बंद के कारण मुख्य बाजार बस्सी ख्वाजू, घंटा घर बाजार, कोतवाली बाजार, वकील बाजार में दुकानें बंद रहीं। वहीं सड़क यातायात भी पूरी तरह ठप रहा। बसें और अन्य साधन बंद होने से जहां कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं विभिन्न संगठनों ने शहर के चौक-चौराहों को पूरी तरह से जाम कर दिया।
कई संगठनों ने विरोध मार्च भी निकाला। केंद्र और मणिपुर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस बीच बैंक व अन्य संस्थानों को भी संगठनों ने बंद करा दिया। शहर के ज्यादातर स्कूलों में संचालकों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी कर दी थी। वहीं जो स्कूल खुले थे उन्हें भी बंद करना पड़ा। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। जिला पुलिस प्रमुख सरताज सिंह चहल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान जिला पुलिस मुस्तैद थी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।