मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आम आदमी पार्टी के विधायकों के बर्ताव को संविधान की बेअदबी बताया है। पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 50 साल के राजनीतिक जीवन में स्पीकर की कुर्सी का इतना निरादर करते हुए किसी को नहीं देखा।
उन्होंने घटिया और शर्मनाक व्यवहार करने वाले विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर जोर दिया, जिन्होंने सदन की मर्यादा पर हमला किया है। सदन की मर्यादा से किसी भी स्थिति में समझौते की इजाजत नहीं दी जाएगी। आप विधायकों का व्यवहार स्वीकार करने योग्य नहीं है। विधानसभा आम लोगों के कल्याण से संबंधित मुद्दों पर विचार करने की पवित्र जगह है।
अगर सदन के काम में रुकावट पैदा होगी तो लोगों की आवाज दब जाएगी। सीएम ने सदन के कार्य में रुकावट डालने को अकालियों के बर्ताव की भी निंदा की। आप विधायकों द्वारा रेत खदानों की बोली पर लगाए आरोपों पर सीएम ने कहा कि पारदर्शी बोली हुई है, जिससे राजस्व में काफी बढ़ोतरी हुई है।
‘सरकार 15 दिन में माफ करे किसानों का कर्ज’
punjab assembly session
आम आदमी पार्टी ने सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मॉक एसेंबली का आयोजन किया। जिसमें दो प्रस्ताव पास किए गए। बलविंदर सिंह बैंस को स्पीकर बनाया गया। सबसे पहले सुखपाल खैरा ने दो प्रस्ताव रखे, जिसमें स्पीकर से मांग की गई कि सरकार को निर्देश दिया जाए कि किसानों का कर्ज पंद्रह दिन में माफ किया जाए।
दूसरा प्रस्ताव था कि रेत खदानों की नीलामी और राणा गुरजीत द्वारा खरीदी जमीन के मामलों की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए। खैरा ने कहा कि सीएम ने सदन में कहा है कि श्वेत पत्र से पता चलेगा कि आर्थिक स्थिति क्या है। अभी एंबुलेंस, फायर टेंडर, स्टाफ नहीं दे सकते। कांग्रेस को चुनाव के समय भी पता था कि सूबे पर कितना कर्ज है, उसके बाद भी कर्ज माफी का वादा किया गया। आज सरकार हाथ खड़े कर रही है।
सिमरजीत बैंस ने कहा कि बादल माफिया से मुक्त होकर सूबा कांग्रेस माफिया के चंगुल में आ गया है। लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले के आरोपी को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का चेयरमैन बना दिया गया है। सीएम को ट्रांसपोर्ट माफिया खत्म करने को अफसरों को अल्टीमेटम देना पड़ रहा है। अब नौकरी देने की शुरू की तो पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते को डीएसपी बनाया जा रहा है। कंवर संधू ने कहा कि रेत खदानों और शराब ठेकों की बोली होनी ही नहीं चाहिए। सरकार को खुद इनका संचालन करना चाहिए। एचएस फूलका ने कहा कि रेत खदानों की नीलामी के मामले में गठित जांच आयोग दिखावा है। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर दिए गए।