पंजाब विधानसभा सत्र में शून्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कांग्रेसियों को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन शून्यकाल खत्म होते ही विपक्षी सदस्य राज्य भर में हड़ताल कर रहे मुलाजिमों के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर गए।
जगमोहन कंग ने राज्य में रेत के अवैध खनन का मुद्दा उठाया। तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि गांव सरैयां में पीलिया से सौ लोग मर गए, कई गंभीर हैं।
सीएम ने सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि वह कल ही टीम भेजेंगे। गुरकीरत कोटली ने नूरपुर बेदी और सैनी माजार को नगर पंचायत बनाने का नोटीफिकेशन रद करने की बात कही जबकि, डॉ. दलजीत चीमा ने इसे सियासत से प्रेरित बताया।
कुलजीत नागरा ने कुलवंत सिंह को फतेहगढ़ साहिब से टिकट देने का मुद्दा उठाया। इस पर सुखबीर बादल ने पार्टी की दलील दी।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एससी महिलाओं पर आर्म्स एक्ट लगाने की बात उठाई तो डिप्टी सीएम ने भरोसा दिया कि जांच कराएंगे।
हंसी-मजाक के बीच सीएम ने पुराने रिश्ते निकालते हुए राजा से कहा, तू तो मेरा पोता है बाबा। अश्वनी सेखड़ी ने आयरन-स्टील इंडस्ट्री पर टैक्स लगाने का मुद्दा उठाया।
सुनील जाखड़ ने वाटरवर्क्स की जमीन पर कब्जा रोकने की मांग की। साथ ही होमगार्डों को न्यूनतम वेतन देने का मुद्दा भी उठाया।
अभी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आना ही था कि कांग्रेस ने राज्य भर में हड़ताल पर चल रहे मुलाजिमों का मुद्दा उठाया और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विपक्षी सदस्य वाकआउट कर गए।
‘ऐन्नी गुटबाजी, लिरों-लीर होए पए हो’
वीरवार को शून्यकाल की शुरुआत होते ही सीएम बादल ने कहा- मुझे पता है कि जैसे ही मैं बोलना शुरू करूंगा, इन्होंने वाकआउट करना है, मैदान छोड़ जाएंगे।
इसके साथ ही बादल ने कहा- ‘पर हमारी बात तो सुनो, या फिर चुनाव का भी बायकॉट कर दो। विनती करता हूं कि बढ़िया सदन चलाओ।
हमारा कोई बंदा नहीं बोलता। तुम्हारे लोगों में अनुशासन है ही नहीं। इतनी गुटबाजी है कि लीरों-लीर हुए हो। इतिहास में आएगा कि तुम लोग भाग जाते हो।
हाईकोर्ट के फैसले केबाद तुम लोग काफी निराश हो। मेरी राय ले लिया करो, वरना चुनाव में भी नुकसान होगा।’
तुहानु किंवे पता, असीं की करना है : जाखड़
सदन में कांग्रेसी विधायकों को समझाते हुए बादल विधायक लाल सिंह से मुखातिब होकर बोले- ‘आप सीनियर हो, समझाओ, बायकॉट न करो।’
लेकिन जवाब में सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ बोले- ‘पहले यह बताया जाए कि सीएम को कैसे पता चला कि हमने क्या करना है।’ बादल हंसते हुए बोले- ‘आपके ही लोग बताते हैं।’