जालंधर में चार सीटें ऐसी थीं, जिनमें परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। नार्थ विधानसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला था। यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार हेनरी के बेटे बावा हेनरी और विधायक केडी भंडारी में मुकाबला था। गौरतलब है कि केडी भंडारी दो बार अवतार हेनरी को शिकस्त दे चुके हैं। पहली बार वर्ष 2007 में और दूसरी बार 2012 में उनको हराया। इस बार भंडारी के खासमखास नेता अनुपम शर्मा ने हेनरी के वोटों को काटा।
अवतार हेनरी के बेटे बावा हेनरी को टिकट मिल गया था। बावा हेनरी ने 32 हजार 291 वोट से विधायक केडी भंडारी को हराकर साथ ही पिता के रिकार्ड को ध्वस्त किया। बावा हेनरी ने पिता के वर्ष 2002 के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया, जिसमें उनके पिता अवतार हेनरी ने तत्कालीन मेयर सुरेश सहगल को 20 हजार मतों से हराया था।
मोहिंदर भगत भाजपा विधायक दल के नेता और वन मंत्री चुन्नी लाल के बेटे हैं। भगत मोहिंदर को पिता चुन्नी लाल के स्थान पर इसलिए सीट दी गई थी क्योंकि वह बुजुर्ग हो गए थे। भगत चुन्नी लाल वेस्ट से तीन बार विधायक बन चुके हैं और पिछली दो बार से विधायक हैं। उन्होंने कांग्रेसी दिग्गज मोहिंदर केपी को हराया। पिता चुन्नी लाल ने केपी की पत्नी सुमन केपी को 11 हजार 343 वोटों से हराया था, बेटे मोहिंदर भगत ने यह सीट इस बार गंवा दी। वह सुशील रिंकू से 17 हजार 334 मत से हार गए।