अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने मान सरकार के खिलाफ अपनी मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भर से करीब 300 से 400 आंगनबाड़ी वर्कर शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ पहुंचे। सेक्टर-34 ग्राउंड से पंजाब राजभवन की ओर कूच करते समय पुलिस ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज भी किया।
आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने कहा कि जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगों व समस्याओं को हल नहीं करती, तब तक प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों पर कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। दरअसल आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ यह मोर्चा इसलिए खोला है कि क्योंकि उन्हें फेशियल रिकोग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लागू करने, सत्ता में आने के बाद साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद मानदेय नहीं बढ़ाने और आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को बिना एफआरएस के राशन वितरण पर रोक लगाई गई है। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्करों से विभाग निदेशक सोना अग्रवाल ने मुलाकात की, उन्होंने कर्मचारियों को 28 जुलाई को सुबह 11 बजे सीएम के साथ बैठक कर उनकी मांगों को हल करने का आश्वासन दिया है, जिसमें यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की पदाधिकारी उषा ने बीते दिनों राज्यसभा में भारत में कुपोषण का शिकार हो रहे बच्चों का मामला भी उठाया, उन्होंने अमर उजाला में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए कहा कि जब आंगनबाड़ी कर्मचारियों और इन केंद्रों को सुचारु रूप से संचालित नहीं किया जाएगा, तो इस प्रकार से समाज पर असर पड़ेगा। आंगनबाड़ी वर्करों के पंजाब राजभवन की ओर कूच से पहले राज्यपाल के ओएसडी ने आकर वर्करों से मुलाकात कर उनका मांग पत्र लिया, वहीं सरकार की ओर से समाज कल्याण मंत्री ने विभाग के सचिव को कर्मचारियों से उनकी मांगों को लेकर बातचीत करने के लिए कहा है।