पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब और हरियाणा भी आईसीयू कंट्रोल रूम बनाए। यह आदेश देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि इससे परिजन आईसीयू में भर्ती अपनों की मेडिकल स्थिति के बारे में जान सकेंगे। मरीजों के रिश्तेदारों की ओर से जा रही शिकायतों में भी कमी आएगी।
हाईकोर्ट में अर्जी दायर की गई थी कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की हालत के बारे में उनके परिवारों को जानकारी नहीं मिल पाती और न ही वे उनसे संपर्क कर पाते हैं। कंट्रोल रूम बनाकर परिजनों की ऐसी शिकायतों को दूर किया जा सकता है। हाईकोर्ट को बताया गया कि पीजीआई चंडीगढ़ में ऐसी व्यवस्था है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब और हरियाणा को भी इस प्रकार की व्यवस्था करनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान यह बताया गया कि चंडीगढ़ में एचआरसीटी टेस्ट 1800 रुपये में है। वहीं हरियाणा में निजी अस्पतालों में 2100 और लगभग इतना ही पंजाब में। चंडीगढ़ में आरएटी टेस्ट 500 और आरटी-पीसीआर 900 रुपये का है तो पंजाब में 350 और 450 रुपये है। हाईकोर्ट ने कहा कि तीनों राज्यों में दाम बराबर होने चाहिए और ऐसे में पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ और हरियाणा को कोरोना से जुड़ी जांच का दाम दय करने का आदेश दिया है।
पंजाब ने बच्चों के लिए अलग वेंटिलेटर की मांग की
पंजाब ने सुनवाई के दौरान बच्चों के लिए अलग से वेंटिलेटर की मांग की। इस पर केंद्र ने कहा कि जल्द से जल्द इसका इंतजाम कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ ने बताया कि बुधवार को 14 वेंटिलेटर मिले हैं। केंद्र ने कहा कि चंडीगढ़ व हरियाणा को जरूरत होगी तो और वेंटिलेटर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं और ऐसे में इस पर काबू करने के लिए सरकार को अभी से कदम उठाने की जरूरत है। पंजाब सरकार ने कहा कि दवा एम्फोटेरिसिन-बी की कमी हो रही है और केंद्र का दखल जरूरी है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जल्द से जल्द कार्रवाई के आदेश दे दिए।