हरियाणा की प्रसिद्घ रागनी गायिका सपना चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उस कार्यक्रम की सीडी पेश करने को कहा है जिसमें विवादास्पद रागनी गाने का आरोप है।
बहस के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि यह रागनी गाने के दौरान सपना ने बावली शब्द का प्रयोग किया है जबकि जो वास्तविक रागनी में भोली शब्द का प्रयोग किया गया था। लेकिन सपना ने भोली की जगह बावली शब्द का प्रयोग किया जो एक नकारात्मक शब्द है।
पुलिस ने शिकायत के आधार व लोगों को भावनाओं को ध्यान में रख कर मामला दर्ज किया है। बहस के दौरान सपना के वकील ने कोर्ट को बताया कि भोली व बावली शब्द का मतलब एक जैसा ही है, इसलिए इस शब्द का गलत मतलब निकालकर मामला दर्ज करना जल्दबाजी है।
सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उस कार्यक्रम की वीडियो सीडी कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया जिसमें यह रागनी गाई गई थी। विवादास्पद रागनी गाने के मामले में एससी/एसटी एक्ट मामले में सपना के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज किया था। फिलहाल कोर्ट ने सपना की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है।
बहस के दौरान शिकायतकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि सपना की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की जाए और उसकी गिरफ़्तारी पर लगी रोक हटाई जाए। शिकायतकर्ता के अनुसार एससी/ एसटी एक्ट में अग्रिम जमानत का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में इस याचिका का कोई औचित्य नहीं है।