पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेशनल और स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर लगाई पाबंदी के बावजूद ये कैसे चल रहे हैं। कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा को नए सिरे से नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब देने को कहा है।
चंडीगढ़ की संस्था अराइव सेफ संस्था के अध्यक्ष हरमन सिद्धू ने जनहित याचिका दायर कर जस्टिस अजय कुमार मित्तल एवं जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ को बताया कि पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेके खोले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए थे कि वर्ष 2017-18 एक्साइज पालिसी में ऐसा प्रावधान बनाया जाए जिसके तहत हाईवे के 500 मीटर के दायरे में ठेके के लाइसेंस न दिए जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया था कि, नेशनल हाईवे पर इन ठेकों को लेकर कोई साइन बोर्ड, विज्ञापन और लाइट्स नहीं लगाई जाएंगी। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद दोनों राज्यों में न सिर्फ नेशनल हाईवे पर शराब के ठेके चल रहे हैं बल्कि बड़े-बड़े विज्ञापन और फैंसी लाइट्स भी लगाई गई हैं।