पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के ठीक पहले आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिशन (आईसा) के विजय कुमार को एहतियातन गिरफ्तार कर जेल भेजने को अवैध हिरासत करार देते हुए इसके खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन सहित डीसी, एसएसपी और एसएचओ को सात सितंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस मामले को लेकर आईसा नेता कंवलजीत सिंह ने एडवोकेट आरएस बैंस के जरिये हेबेस कोर्प्स याचिका दायर कर विजय कुमार की गिरफ्तारी को अवैध और गैरकानूनी बताते हुए उसे तत्काल रिहा करने और उसे मुआवजा दिए जाने की मांग की है। दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि पुलिस ने विजय कुमार को 31 अगस्त को सीआरपीसी की धारा-107 और 151 के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम के समक्ष पेश किया था। एसडीएम ने विजय कुमार को रिहा करने की बजाय उसे जेल भेज भेज दिया।
याचिकाकर्ता के अनुसार इस धारा के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजना पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का उलंघन है। तय प्रावधान के तहत आरोपी को तय समय तक शांति बनाए रखने के निर्देश देते हुए चेतावनी देकर छोड़ दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि विजय कुमार को उस अपराध के लिए गिरफ्तार किया गया, जो अभी हुआ ही नहीं था, जबकि उसके होने का अंदेशा भर ही था। ऐसे में बॉन्ड की शर्त पर चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था। आरोपी को 24 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता है। बशर्ते उस पर कोई अन्य आरोप न हो बावजूद विजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से उसे तत्काल रिहा करने की मांग के साथ ही उचित मुआवजा दिए जाने के भी मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ प्रशासन सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।