चंडीगढ़ में बीते दिनों हुई अच्छी बरसात पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस अमित रावल की खंडपीठ ने कहा कि सुखना को बचाने की हमारी मुहिम में भगवान भी साथ दे रहा है। हाईकोर्ट की यह प्रतिक्रिया इस बारिश के चलते सुखना के जलस्तर 1152.20 फुट से बढ़कर 1155.70 फुट होने के प्रशासन के आंकड़े पर आई। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि सकेतड़ी और कैंबवाला से सीवरेज के पानी को सुखना में आने से रोका जाए। 2 सितंबर को हाईकोर्ट से वे सुखना के निरीक्षण के लिए निकलेंगे और तब तक यह पानी बंद हो जाना चाहिए।
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही यूटी प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार की ओर से हलफनामा सौंपा गया। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि सकेतड़ी की ओर सेे गंदगी को रोका गया है, लेकिन अभी सीवरेज का पानी आ रहा है, जिसे जल्द बिल्कुल बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद यूटी प्रशासन की ओर से हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी गई कि उन्होंने कैंबवाला से सीवरेज लाइन को मध्यमार्ग की मेन लाइन से जोड़ने के लिए टेंडर दिया था और यह काम पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि बारिश के पानी को कैचमेंट एरिया से सुखना लाने के लिए सभी मार्ग साफ कर दिए गए हैं ताकि बारिश का पानी व्यर्थ न जाए।
इस दौरान जस्टिस एके मित्तल ने कहा कि लेक से गंदगी निकाल कर किनारे डाल दी जाती है और फिर बारिश के साथ वह लेक में पहुंच जाती है। ऐसा न हो इसे सुनिश्चित किया जाए। इस पर चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुवीर सहगल ने बताया कि अब लगातार गंदगी निकाल कर इसे ट्रकों में लाद कर दूर ले जाया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि 2 सितंबर को सभी अधिकारी और केस से जुड़े वकीलों के साथ वे सुखना का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सीवरेज से लेकर अन्य सभी व्यवस्थाओं पर भी गौर करेंगे।