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सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

Sat, 09 Nov 2019 01:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बिक्रम मजीठिया, सुखबीर बादल - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह जांच आयोग और उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने जस्टिस रणजीत सिंह की शिकायत को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने याचिका को अमान्य करार दिया है हालांकि इस पर अभी विस्तृत फैसला आना बाकी है।

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बेअदबी मामले की जांच के लिए पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया था। जस्टिस रंजीत सिंह ने गत वर्ष पंजाब सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसे विधानसभा में पेश भी किया गया था। इस रिपोर्ट पर और जस्टिस रंजीत सिंह पर पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल और पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कई टिप्पणियां की थीं। 

दोनों ने उनकी लॉ की डिग्री पर भी सवाल उठा दिए थे। इसके खिलाफ जस्टिस रंजीत सिंह ने हाई कोर्ट में दोनों के खिलाफ शिकायत दी थी और दोनों को अंतरिम जमानत भी लेनी पड़ी थी। जस्टिस अमित रावल ने कहा था कि याचिका पर सुनवाई से पहले यह मान्य है या नहीं इस पर सुनवाई होगी। 30 अक्तूबर को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद जस्टिस अमित रावल ने इस शिकायत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

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यह थी पक्षों की दलील

 रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह के वकील ने कहा था सिर्फ आयोग पर नहीं बल्कि एक रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की प्रतिष्ठा पर हमला है। जब सुखबीर बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने टिप्पणियां की थीं तो आयोग प्रभाव में था। शिकायत करते समय आयोग भंग हो चुका था लेकिन एक्ट के प्रावधान के तहत उन्होंने तय समय सीमा के भीतर इसकी शिकायत कर दी थी। ऐसे में शिकायत मान्य है। 

सुखबीर बादल और मजीठिया की ओर से दलील दी गई कि बेअदबी मामले की जांच कर चुके जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की वैधता 31 अगस्त को खत्म हो चुकी थी। ऐसे में जनवरी माह में आयोग के हिस्से के रूप में कमीशंस ऑफ एन्क्वायरी एक्ट के तहत की गई शिकायत वैध नहीं है। एक अधिकारी के कार्यालय में रहते जो अधिकार होते हैं वह कार्यालय छोड़ने के बाद नहीं रहते। कार्यकाल खत्म होने के बाद कमीशंस ऑफ एन्क्वायरी एक्ट की धारा-10 ए के तहत शिकायत नहीं की जा सकती है।
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