मानवता के लिए खतरा है अवैध खनन
घग्गर नदी पर हो रहे अवैध खनन को रोकने गए खनन अधिकारी पर हमले के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खनन माफिया के बढ़ते हौसलों पर नकेल कसने की जरूरत बताई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि अवैध खनन के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और इसका परिणाम कहीं भूमिगत जल के गिरते स्तर तो कहीं भूमि के अनियंत्रित कटाव के रूप में देखने को मिल रहा है। ऐसे में इसे नहीं रोका गया तो आगे चलकर यह पूरी मानवता के लिए खतरे का रूप ले सकता है।
नहीं रुका अवैध खनन तो धंस सकते हैं सेना के बंकर
पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बीते दिनों चिंता जताई थी। सेना की ओर से कहा गया था कि यदि अवैध खनन रोका नहीं गया तो देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बंकर धंस सकते हैं। साथ ही नदी का रुख बदलने से होने वाले कटाव के कारण मार्ग छोटे होने के खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसे में यदि युद्ध के हालात बने तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीमा के निकट खनन पर रोक लगा दी थी।
अवैध खनन से बर्बाद हो रहा कलेशर नेशनल पार्क
कलेशर नेशनल पार्क के नजदीक अवैध खनन से इसे होने वाले नुकसान को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि पर्यावरण को बचाना बेहद जरूरी है। अवैध खनन न केवल इसे नुकसान पहुंचाता है बल्कि साथ ही यह स्थानीय जीवों के प्राकृतिक आवास के स्वरूप को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में प्राकृतिक संतुलन के लिए खनन को नियंत्रित करना जरूरी है।