पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान शैक्षणिक सत्र में की गई पांच फीसदी फीस वृद्धि पर रोक लगा दी है। साथ ही पीयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एनएसयूआई के सचिन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर फीस बढ़ोतरी को चुनौती दी थी।
उन्होंने बताया कि मार्च में लॉकडाउन के बाद से छात्रों ने विश्वविद्यालय की किसी सुविधा का लाभ नहीं लिया है। न तो छात्रों को ऑनलाइन कक्षाएं दी जा रही हैं, न पुस्तकालय, प्रयोगशाला, इंटरनेट, छात्रावास व अन्य प्रकार की सुविधाएं मिली हैं। वैसे भी छात्रों के अभिभावक वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में 5 फीसदी फीस बढ़ाना अभिभावकों के साथ अन्याय है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अभिभावक पिछले सेमेस्टर में ही पूरी फीस का भुगतान कर चुके हैं। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से अपील की कि छात्रों द्वारा जमा करवाई गई फीस को अगले सत्र में समायोजित किया जाए।
याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से अपील की थी कि फीस बढ़ोतरी के आदेश को खारिज किया जाए तथा याचिका लंबित रहते इस आदेश पर रोक लगाई जाए। उच्च न्यायालय ने याचिका पर पंजाब विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है। इसके साथ ही अगले आदेश तक फीस बढ़ोतरी के आदेश पर रोक लगा दी है।
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