हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में मास्क सही तरीके से न पहनने वालों की अब खैर नहीं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीनों राज्यों को आदेश दिया है कि वे मास्क को नाक से नीचे पहनने वालों को बगैर मास्क का मानते हुए सख्ती से चालान काटने के आदेश जारी करें।
मामला अंबाला की जेल में बंद एक कैदी की याचिका से जुड़ा हुआ है। कैदी ने हाईकोर्ट को बताया कि वह कोरोना संक्रमित है और जेल में मास्क से लेकर मेडिकल तक की सुविधाएं मौजूद नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए कोरोना को लेकर हरियाणा, पंजाब में चंडीगढ़ से जवाब मांगा था। तीनों के जवाब मिलने के बाद अब हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
हरियाणा सरकार ने बताया कि उन्होंने हर जिले में एक कमेटी बनाई है, जिसमें अब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य को भी शामिल किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब सरकार ने भी ऐसी कमेटी बनाने पर सहमति जता दी है। चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वॉर रूम की स्थापना की गई है। स्थिति का आंकलन करने के बाद हाईकोर्ट ने अब तीनों राज्यों को आदेश दिया है कि वे सख्ती से बिना मास्क पहने लोगों का चालान करें। ऐसे लोगों का भी चालान किया जाए जो मास्क को ढंग से नहीं पहनते हैं या उनका मास्क नाक से नीचे होता है।
ज्यादा फीस वसूलने वाले निजी अस्पतालों पर भी करें कार्रवाई
एडवोकेट नवकिरण सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि निजी अस्पताल कोरोना के चलते अत्याधिक फीस वसूल रहे हैं। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब का चंडीगढ़ को आदेश दिया कि ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जो भी हेल्पलाइन बनाई गई हैं उन पर आने वाली शिकायतों का ब्योरा मीडिया में दिया जाए ताकि इसे देखकर लोग जागरूक हो सकें और शिकायत के लिए प्रेरित हो सकें।