31 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को नियमों के खिलाफ जाकर व वित्त विभाग से स्वीकृति लिए बगैर एक्स काडर पदों पर नियुक्त करने को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाने की अपील को लेकर अर्जी दाखिल की गई थी। इससे पहले कोर्ट हरियाणा सरकार, डीजीपी व इन पदों पर नियुक्त आईपीएस अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दे चुका है।
पंचकूला निवासी आरती ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा सरकार ने नियमों के खिलाफ जाकर आईपीएस के कुल स्वीकृत 19 एक्स काडर पदों के विरुद्ध बड़ी संख्या में आईपीएस अफसर को इन पदों का काम सौंपा है। प्रदेश भर में 31 आईपीएस अधिकारी हरियाणा पुलिस के सार्वजनिक कार्यालयों पर तैनात हैं।
याची ने कहा कि कोई भी एक्स काडर पद सृजित करते समय वित्त विभाग की सहमति लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा। हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति ने भी इन पदों के संबंध में संज्ञान लिया है। इस बारे में 13 जनवरी को हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने लिखा था और विभिन्न स्तर पर गृह विभाग ने कहा था कि सरकार स्वीकृत 19 से अधिक एक्स काडर पदों के साथ काम नहीं कर सकती। हालांकि गृह विभाग ने इन अतिरिक्त काडर पदों के बारे में कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया है।
याची ने कहा कि यह सीधे-सीधे भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग संख्या का निर्धारण) संशोधन विनियम का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता द्वारा हाईकोर्ट से इन पोस्टिंग आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। याची ने इस केस में अब अर्जी दाखिल करते हुए केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने अर्जी को मंजूर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।