छेड़छाड़ के आरोपी को अग्रिम जमानत के दौरान महिला के संबंध में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना भारी पड़ गया। टिप्पणी के बाद महिला ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोपी की जमानत रद्द करने की मांग की। आरोपी ने हाईकोर्ट में माफी मांगते हुए अंडरटेकिंग दी कि वह छह माह तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने उसकी जमानत रद्द नहीं की लेकिन 20 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। याची को यह राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करवाना है।
मामला करनाल का है, जहां एक व्यक्ति के खिलाफ महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के बाद दर्ज केस में अग्रिम जमानत के लिए आरोपी ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी थी कि वह महिला के खिलाफ कोई ऐसा काम नहीं करेगा जिस पर उसको आपत्ति हो।
लेकिन इसी दौरान आरोपी ने सोशल मीडिया पर महिला को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दीं। इस पर महिला ने उसकी जमानत रद्द किए जाने की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान व्यक्ति ने अपने किए के लिए माफी मांगते हुए कहा कि यदि उसे माफ कर दिया जाए तो वह अगले 6 माह तक स्मार्टफोन ही इस्तेमाल नहीं करेगा।