हरियाणा राज्य चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा आवेदक को पहले इंटरव्यू के लिए न बुलाने और अब याचिका दाखिल करने के बाद बुलाने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और आयोग को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या उसका कोई स्टैंड नहीं है। इसके साथ ही हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए सन्नी ने हाईकोर्ट को बताया कि एचएसएससी की ओर से लोवर डिवीजन क्लर्क के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। याची ने भी इसके लिए आवेदन किया था और लिखित परीक्षा पास कर ली।
इसके बाद डॉक्यूमेंट की स्क्रूटनी के लिए बुलाया गया और वहां पर भी कोई आपत्ति नहीं दर्ज की गई। लेकिन बाद में याची को इंटरव्यू के लिए बुलाया ही नहीं गया। याची के रिप्रजेंटेशन देने पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा तो याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
याची ने बताया कि याचिका दाखिल करने के बाद अब फिर उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्या एचएसएससी का कोई स्टैंड नहीं है जो बार-बार निर्णय बदलता है। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार और आयोग को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है और इस दौरान याचिकाकर्ता का इंटरव्यू करवाने के आदेश भी जारी किए हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंटरव्यू का रिजल्ट सील कवर में रखा जाएगा जो इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होगा।