जनहित याचिका के माध्यम से प्राइवेट चैनल सोनी लिव पर दिखाई जा रही वेब सीरीज ‘योर ऑनर’ को न्यायपालिका की गरिमा को आहत करने वाला बताते हुए इस पर रोक की मांग की गई है। याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मोहाली के वकील सुखचरण सिंह गिल ने एडवोकेट हरलव सिंह राजपूत के माध्यम से दायर याचिका में बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखाए जा रहे कार्यक्रमों पर केंद्र सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। वेब-सीरीज के कार्यक्रमों में अश्लीलता और हिंसा भरी पड़ी है। उसमें तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
याची ने प्राइवेट चैनल सोनी लिव पर दिखाई जा रही वेब सीरीज 'योर ऑनर' के बारे में बताया कि यह न्यायपालिका की गरिमा को आहत करने वाला कार्यक्रम है, जिससे लोगों के बीच न्यायपालिका की छवि गिरती है। साथ ही बताया कि इसमें पंजाब के दो वर्गों का गलत चित्रण किया गया है, जो सामाजिक समरसता के लिए सही नहीं है।
ऐसे में कार्यक्रम पर रोक और फिल्म और टीवी कार्यक्रमों की तरह ओटीटी प्लेटफॉर्म के कार्यक्रमों के लिए सेंसर बोर्ड की तरह किसी संस्था का नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की गई है। याचिका पहले सिंगल बेंच के समक्ष दायर की गयी थी। 21 सितंबर को सिंगल बेंच ने याचिका पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेजा था। अब मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इस पर नोटिस जारी किया है।