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भागकर किया प्रेम विवाह, 21 साल से कम है लड़के की उम्र, सुरक्षा पर हाईकोर्ट का शानदार फैसला

Wed, 26 Jun 2019 02:05 PM IST
ajay kumar विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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घर से भागकर शादी करने वाले प्रेमी जोड़े (रन अवे कपल) की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद अहम आदेश जारी किए हैं।

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प्रतिवादी पक्ष की ओर से कहा गया था कि लड़का विवाह की निर्धारित आयु से कम उम्र का है और ऐसे में उसे सुरक्षा का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी शादी ही वैध नहीं है।

युवक की आयु 21 वर्ष से कम थी और ऐसे में हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि विवाह की निर्धारित आयु से पूर्व में विवाह करने से भी जीवन की सुरक्षा से जुड़ा सांविधानिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाता। याचिका दाखिल करते हुए फाजिल्का निवासी प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट को बताया कि वह दोनों अलग-अलग जातियों से संबंध रखते हैं। 
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उन दोनों के बीच प्रेम था और इसी के चलते उन्होंने विवाह कर लिया। इस बारे में परिवार को सूचित किया तो परिवार वालों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। जिसके चलते उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है।

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सुरक्षा के लिए एसएसपी फाजिल्का से गुहार लगाई गई लेकिन उन्होंने भी सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई। हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि लड़के की आयु शादी के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु से कम है लेकिन हाईकोर्ट का काम शादी की वैधता निर्धारित करना नहीं है। 

हाईकोर्ट का कार्य संविधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को जीवन जीने और इसे सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार देता है। निर्धारित आयु से पहले शादी करने से यह अधिकार छिन नहीं जाता।

राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा हो। ऐसे में हाईकोर्ट ने एसएसपी फाजिल्का को आदेश दिए कि वह दोनों पर किसी भी प्रकार के खतरे की समीक्षा करें और यदि उनको किसी भी प्रकार का खतरा है तो उनको उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
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