गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो रेल सेवा अब 17 सितंबर तक जारी रहेगी और मेट्रो दोनों लेन पर दौड़ेगी। इस बीच सेवा प्रदाता कंपनी व अन्य को बैठक कर इसका हल निकालने का प्रयास करने के आदेश हाईकोर्ट ने जारी किया है। 17 सितंबर तक इसको चलाने और मेंटेनेंस का जो भी खर्च होगा उसका भुगतान एचएमआरटीसीएल को करना होगा।
एचएमआरटीसीएल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चीफ जस्टिस से इस मामले में शुक्रवार को ही सुनवाई करने की अपील की थी। शुक्रवार को याची ने बताया कि दिल्ली से सटे गुरुग्राम में संचालित देश की निजी क्षेत्र की पहली मेट्रो सेवा आर्थिक संकट के कारण आगे अपनी सेवा जारी रखने में सक्षम नहीं है। वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी आईएल एंड एफएस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने हरियाणा सरकार को लिखा था कि कंपनी नौ सितंबर सेवा को आगे नहीं जारी रख सकती है।
कंपनी ने रैपिड मेट्रो के अधिग्रहण के लिए हरियाणा सरकार को भी लिखा था। कंपनी और सरकार के बीच के विवाद अभी एनसीएलए के पास विचाराधीन है। इस लिए सरकार रैपिड मेट्रो के अधिग्रहण नही कर सकती, जिस कारण माली वित्तीय हालत के चलते कंपनी ने 9 सितंबर से मेट्रो सेवा बंद करने का निर्णय लिया था।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए 9 सितंबर तक इसे जारी रखने के आदेश दिए थे। सोमवार को जब मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो सभी पक्षों ने अपनी दलीलें रखी। इसे सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि विवाद का समाधान नेगोसिएशन से ही संभव है और इसके लिए कुछ समय दिया जाना जरूरी है। ऐसे में 17 अगस्त तक सभी मिल कर बैठक कर इस मसले को हल करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस अवधि के लिए इंश्योरेंस, मेंटेनेंस और ऑपरेशंस का खर्च वहन करेगी।