पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 'शूटर' फिल्म को पंजाब की तर्ज पर हरियाणा और चंडीगढ़ को भी बैन करने संबंधी निर्णय लेने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि फिल्म शूटर गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर आधारित है।
काहलवां पर तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। उसे सरेआम विरोधी गैंग के बदमाशों ने गोली मार दी थी। ऐसे में इस फिल्म में हिंसा के साथ ही गन कल्चर का महिमामंडन किया गया है। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि यह फिल्म हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के उस आदेश के विपरीत है जिसमें ऐसी किसी भी फिल्म, गाने आदि को नहीं चलाने देने का निर्देश था जो अपराध, हिंसा या गैंगस्टर बनने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले हों। कोर्ट को बताया गया कि यह फिल्म 21 फरवरी को रिलीज हो रही है।
प्रोड्यूसर ढिल्लों ने फिल्म बंद करने का दिया था लिखित आश्वासन
याची ने कोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार पहले ही इस फिल्म पर रोक लगा चुकी है। इसके अलावा पंजाब के सीएम ने फिल्म के एक प्रोड्यूसर केवी ढिल्लों के खिलाफ एक्शन लेने के भी आदेश जारी किए हैं। दरअसल, केवी ढिल्लों ने साल 2019 में लिखित में दिया था कि वह इस फिल्म को बंद कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके साथ ही इस फिल्म को लेकर मोहाली में एफआईआर भी दर्ज की गई है। याची पक्ष की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और यूटी प्रशासन को इस फिल्म पर बैन लगाने को लेकर दी गई रिप्रजेंटेशन पर निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।