घर से भाग कर अंतरजातीय विवाह करने वाले प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा को लेकर चिंता प्रकट करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब व चंडीगढ़ को 24 घंटे हेल्पलाइन और सुरक्षा की मांग पर 48 घंटे में निर्णय व हर जिले में शेल्टर होम का निर्माण कराने का सुझाव दिया है। हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों व चंडीगढ़ को बैठक कर 22 मार्च तक हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच के समक्ष प्रेमी जोड़े की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पहुंची थी। याचिका पर आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरजातीय विवाह को समाज द्वारा स्वीकार न करने पर चिंता व्यक्त की। हाईकोर्ट ने कहा कि समाज में स्वीकार्यता न होने के चलते ही सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं का बोझ बढ़ता जा रहा है।
खंडपीठ पहले ही जिला जजों को यह आदेश दे चुकी है कि प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं का वह निपटारा करें लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस प्रेमी जोड़ों की मांगों पर समय रहते निर्णय ले और जिला अदालतें अपने स्तर पर सुरक्षा के आदेश दें तो हाईकोर्ट पर बोझ बेहद कम हो जाएगा।
हाईकोर्ट ने हरियाणा-पंजाब व चंडीगढ़ को दिए ये सुझाव
हरियाणा-पंजाब व चंडीगढ़ हर जिले में आश्रय घर बनाने पर निर्णय लें और 48 घंटे के भीतर प्रेमी जोड़े की सुरक्षा से जुड़ी मांग पर निर्णय लिया जाए। प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा के लिए फोन व इंटरनेट के माध्यम से 24 घंटे चालू हेल्पलाइन बनाई जाए और सुरक्षा की मांग पर निर्णय न होने तक उन्हें आश्रय घर में रखा जाए।
दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल व चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार कानूनी सेवा प्राधिकरणों के साथ मिल कर जोड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लें। इस कार्य में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उनकी हर संभव सहायता करें।