चंडीगढ़ के पूर्व एसएसपी नौनिहाल सिंह से जान माल का खतरा बताकर सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले जसविंदर सिंह वालिया के मामले में बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस दया चौधरी ने किसी प्रकार का नोटिस न करते हुए सुनवाई अगले दिन के लिए स्थगित कर दी।
अदालत ने याचिकाकर्ता को आदेश दिए हैं की वह बताएं कि उसकी जान को एसएसपी से क्या और कैसा खतरा है। इसके बारे में हलफनामा दायर कर जानकारी दें और साथ ही इस मामले में पंजाब को भी प्रतिवादी बनाए जाने को कहा है।
हालांकि बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने एसएसपी और उसके बीच बातचीत के वह अंश कोर्ट में पेश किए, जिसमें उस पर पुलिस की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि वह यह मामला वापस ले।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया की उसके पास कुछ अन्य ऐसे दस्तावेज हैं जिनको वह अदालत में खुले तौर पर नहीं बता सकता।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि नौनिहाल सिंह का चंडीगढ़ में कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह अब पंजाब कैडर में वापस चले जाएंगे।
याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद जस्टिस दया चौधरी ने कहा कि वह जो भी जानकारी उसके पास है वह रिकार्ड में दर्ज करवाए और हलफनामा दायर करे।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कई दिनों से सिक्योरिटी के लिए भटक रहा हूं। वालिया ने बताया कि उसके पास नौनिहाल सिंह के खिलाफ काफी सुबूत मौजूद हैं।
दो आपत्तिजनक तस्वीरें जो उसके पास मौजूद थीं, उसे वह हाईकोर्ट में पेश कर चुका है। वालिया के मुताबिक नौनिहाल सिंह का वह अकेला राजदार है और उसके कई कामों में भागीदार भी रह चुका है।
इसी कारण उसे जानमाल का खतरा है। वालिया ने हाईकोर्ट में नौनिहाल सिंह की दो तस्वीरें और करीब 50 एकड़ जमीनों की रजिस्ट्रियां लगाकर दावा किया है कि वह नौनिहाल सिंह के साथ करोड़ों रुपये जमीनों में इन्वेस्ट कर चुके हैं। काफी जमीन तमिलनाडु में खरीदी गई हैं।