रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता आईएफएस एवं व्हिसल ब्लोअर संजीव चतुर्वेदी मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ दाखिल हरियाणा सरकार की याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका में हरियाणा सरकार ने केंद्र की उस सिफारिश को चुनौती दी थी जिसमें हरियाणा सरकार के अधिकारियों व कुछ नेताओं पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की जरूरत बताई गई थी।
मामला 2007 का है जब हरियाणा सरकार ने संजीव चतुर्वेदी को सस्पेंड करते हुए उन्हें चार्जशीट किया था। अगस्त 2010 में उन्होंने प्रेसीडेंट और कैबिनेट सचिव भारत सरकार को रिप्रजेंटेशन सौंपी थी। इसके आधार पर कमेटी बनाई गई थी और कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में हरियाणा सरकार के कई अधिकारियों के खिलाफ टिप्पणी के साथ ही सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
इसके खिलाफ तत्कालीन हुड्डा सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। जब सरकार बदली तो भी सरकार ने इस याचिका को जारी रखने का फैसला लिया। इस बीच केंद्र ने कहा कि वह सीबीआई को जांच नहीं सौंप सकते हैं क्योंकि इसके लिए राज्य सरकार की नोटिफिकेशन जरूरी है। इसी बीच हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
अब इस याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार के खिलाफ याचिका दाखिल की है और ऐसे में यह हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस प्रकार के विवादों का निपटारा केवल सुप्रीम कोर्ट ही कर सकता है। ऐसे में याचिका को हाईकोर्ट में वैध न मानते हुए खारिज कर दिया।