अंतिम वर्ष के छात्रों की फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा लेने के पंजाब यूनिवर्सिटी के निर्णय पर रोक लगाते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू, यूजीसी व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जतिन मेहता व अन्य की ओर से एडवोकेट हर लव सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के कोरोना की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य उपायों के माध्यम से इस वायरस से बचने की सरकार अपील कर रही है। इस बीच पंजाब यूनिवर्सिटी ने फाइनल इयर के छात्रों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। इस प्रकार परीक्षा के आयोजन से वायरस फैलने की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी।
याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अनुपम बनाम दिल्ली यूनिवर्सिटी केस का हवाला देते हुए बताया कि उसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि यूजीसी और मिनिस्ट्री द्वारा जारी दिशा निर्देश एक मत हैं कि यूनिवर्सिटी अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा लेने के लिए बाध्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि जुलाई में ली जाने वाली फाइनल ईयर के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा को रद्द करने के आदेश दिया जाए।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद परीक्षा आयोजित करने के निर्णय वाली नोटिफिकेशन पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी, यूजीसी व केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है।