बड़ी संख्या में पुलिस बल व दंगा रोधी टीमें तैनात
अजनाला थाने पर हमले से पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सतिंदर सिंह खुद अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस स्टेशन अजनाला में मौजूद रहे। पुलिस ने दंगा रोधी टीमें भी तैनात कर दी है। लवप्रीत की रिहाई के मामले में पुलिस काफी दबाव में दिख रही है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि थाने पर हमले की घटना के एक दिन बाद भी किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
यह है मामला
रूपनगर जिले के चमकौर साहिब के वरिंदर सिंह ने लवप्रीत सिंह व अमृतपाल समेत उसके 30 समर्थकों पर अपहरण व मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद लवप्रीत व एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी को तो पुलिस ने पहले ही रिहा कर दिया था लेकिन लवप्रीत को रिहा करने के लिए अमृतपाल ने बुधवार को थाने के बाहर धरने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को अमृतपाल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ अपने समर्थकों सहित थाने पहुंचा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उग्र भीड़ ने बैरिकेड तोड़ डाले और तलवारों व बंदूकों के साथ थाने पर हमला कर दिया, जिसमें एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। इसके बाद घंटों थाने के बाहर डटे रहे।