विधायक सुखपाल सिंह खैरा के विरोधी तेवरों के कारण पंजाब आप में मचे घमासान के बीच प्रदेश नेतृत्व ने लोक इंसाफ पार्टी के बैंस बंधुओं पर आरोप लगाया है कि वे आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, आप आलाकमान ने खैरा के विरोध पर ठीक उसी तरह चुप्पी साध ली है, जैसे दिल्ली और पंजाब में कई नेताओं को पार्टी से निकालने के बाद होने वाली बयानबाजी पर वह साधती रही है।
इधर, आठ विधायकों के साथ अपनी ताकत दिखा रहे सुखपाल खैरा आप के दो-तिहाई विधायकों को अपने साथ लाने की नंबरगेम में उलझ गए हैं। खैरा ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रें स में आठ विधायकों को लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। उन्होंने कुछ और विधायकों के साथ आने का दावा भी किया लेकिन पार्टी की प्रदेश इकाई के नेताओं का कहना है कि 2 अगस्त को खैरा द्वारा बुलाई कनवेंशन में उनके दावे खोखले साबित हो जाएंगे, क्योंकि इन आठ विधायकों में से कई पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस बीच, खैरा को आप से बगावत करके अलग दल बनाने के लिए कम से कम छह विधायकों की और जरूरत होगी।