सुखजिंदर सिंह की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची तो परिवार को पहले यकीन नहीं हुआ। शहीद के भाई गुरजंट सिंह जंटा ने परिवार को जब जानकारी दी तो पूरा परिवार सन्न रह गया।
आतंकवादियों ने जिस तरह कायरतापूर्वक हमला किया है उससे यह परिवार बहुत गुस्से में है। सुखजिंदर के परिजनों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ अब आर-पार की लड़ाई होनी चाहिए, तभी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आएगा।
पुलवामा में शहीद सुखजिंदर सिंह
पट्टी के गांव गंडीविंड धत्तल निवासी गुरमेल सिंह के बेटे सुखजिंदर सिंह सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन में बतौर कांस्टेबल तैनात थे। सुखजिंदर सिंह 28 जनवरी को एक माह की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। सुखजिंदर की पत्नी सरबजीत कौर ने बताया कि शादी के सात साल बाद बड़ी मन्नत से बेटा हुआ था।
जाते समय सुखजिंदर अपने आठ माह के बेटे गुरजोत सिंह को बार-बार चूम रहे थे। उनके छोटे भाई गुरजंट सिंह जंटा अपने पिता गुरमेल सिंह के साथ खेती करते हैं। गुरजंट ने बताया कि फोन पर सुखजिंदर बार-बार अपने बेटे गुरजोत के बारे में पूछ रहे थे कि वह रोता तो नहीं है।