11 महीनों से संघर्ष कर रहे हजारों कर्मचारियों ने काली दीवाली मनाने का ऐलान किया है। साथ ही सरकार को कड़ी चेतावनी भी दी। पुडा मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध पर बैठे मुलाजिमों ने दो नवंबर को पुडा सीए के घर का घेराव करने व पुतला जलाने की तैयारी की है। संघर्ष को तेज करने के लिए पुडा तालमेल संघर्ष कमेटी की शुक्रवार को आपात मीटिंग हुई। इसमें कई सीनियर मुलाजिम नेता शामिल हुए।
मुलाजिमों का कहना था कि सरकार जानबूझकर उनकी मांगों को लटका रही है। इस कारण उन्हें इस दिशा में जाना पड़ रहा है। इससे पहले मुलाजिमों की चल रही नियमित भूख हड़ताल पर नराता राम व शांति प्रकाश बैठे। वहीं, उनके समर्थन में राज्य के विभिन्न जिलों से साथी मुलाजिम पहुंचे। मुलाजिमों का कहना था इस बार वह आरपार की लड़ाई लडे़ंगे।
इस दौरान होने वाले नुकसान के लिए सरकार व पुडा मैनेजमेंट जिम्मेदार रहेगी। इस दौरान हुई मीटिंग में कन्वीनर महिंदर सिंह मलोया, जरनैल सिंह, वीर चंद, प्रगट सिंह विर्क, बलबीर मसीह, अमरजीत सिंह, परमजीत सिंह बोपाराय, पाल सिंह, सुखदेव सिंह, हरि सिंह, भाग सिंह, हरकेश सिंह, शमशेर सिंह, चरनजीत कौर व परमिंदर कौर मौजूद थीं।