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योगी की राह पर मनोहर लाल: हरियाणा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर होगी वसूली

Thu, 18 Mar 2021 02:43 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा विधानसभा - फोटो : फाइल फोटो
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विधानसभा में गुरुवार को हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 पारित हुआ। अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली होगी। हर्जाना राशि जमा न कराने पर संपत्ति कुर्क की जा सकेगी। विधेयक को गृह मंत्री अनिल विज ने सदन में पेश किया। तभी कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया, नारेबाजी की और वेल तक पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने विधेयक पारित करा लिया।

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इसे अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार कानून की अधिसूचना जारी करेगी। विधेयक के अनुभाग-14 के अनुसार वसूली सिर्फ हिंसा करने वालों से ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों, आयोजकों, योजनाकर्ताओं, प्रोत्साहित करने और भाग लेने वालों से भी होगी। विधेयक में प्रदर्शनकारियों की जवबादेही और वसूली का तो प्रावधान है लेकिन इसमें कहीं भी सरकारी अधिकारियों और पुलिस की जवाबदेही तय नहीं की गई है। नुकसान की वसूली के दावों का निपटारा करने के लिए सरकार एक या अनेक ट्रिब्यूनल गठित करेगी।

विधेयक में ये खास

  • हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की राय पर ट्रिब्यूनल चेयरमैन की नियुक्ति होगी। इसमें सरकार की तरफ से सदस्य भी लगाए जाएंगे। डीसी नुकसान के सभी दावों को ट्रिब्यूनल को ही भेजेंगे। ट्रिब्यूनल चार्टेड अकाउटेंट की मदद लेकर नुकसान का आकलन करेगा।
  • हजार रुपये से लेकर दस करोड़ रुपये तक की सरकारी, निजी संपत्ति के नुकसान का दावा किया जा सकता है।
  • आंदोलन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात अर्धसैनिक बलों, सेना पर खर्च राशि का दावा भी किया जा सकेगा। पुलिस पर खर्च राशि की वसूली उपद्रवियों से नहीं होगी।
  • नुकसान की शिकायत पीड़ित अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी को करेंगे। वे एफआईआर दर्ज कर पूरी जानकारी डीसी को देंगे। डीसी पीड़ितों से दावे के लिए आवेदन मांगेंगे। 21 दिन के भीतर आवेदन करना होगा।
  • सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का दावा विभागों के अध्यक्ष करेंगे। एसडीएम या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी ही दावा कर सकेगा।
  • नुकसान का आकलन होने के बाद अगर उपद्रवी हर्जाना नहीं भरते हैं या ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो एक तरफा कार्रवाई की जा सकेगी। नोटिस का कोई जवाब न देने पर उपद्रवी व अन्य की जमीन कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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पूर्व आंदोलनों को देखते हुए बना रहे कानून
हरियाणा सरकार ने यह कानून बनाने का निर्णय 2016 में हुए जाट आंदोलन और 2017 में राम रहीम को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सजा सुनाने के बाद पंचकूला सहित अन्य जगह हुई हिंसा व तोड़फोड़ को देखते हुए लिया है।

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बजट सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में छह विधेयक पारित

हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन छह विधेयक पारित किए गए। इनमें पंजाब श्रमिक कल्याण निधि (हरियाणा संशोधन) विधेयक-2021, हरियाणा आकस्मिकता निधि (संशोधन)विधेयक-2021, हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021, हरियाणा संक्षिप्त नाम संशोधन विधेयक-2021, हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 और हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक-2021 शामिल हैं।

पंजाब श्रमिक कल्याण निधि, (हरियाणा संशोधन) विधेयक-2021
यह विधेयक श्रमिकों और उनके आश्रित पारिवारिक सदस्यों के कल्याण को बढ़ावा देगा। संशोधन के जरिए निधि की प्राप्ति के ढंग को प्रयोजन व उद्देश्यों के लिए आसान बनाया गया है।

हरियाणा आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक-2021
कोविड-19 व अन्य महामारी के कारण उत्पन्न आपातकालीन खर्चों को पूरा करने के लिए आकस्मिक निधि 200 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ की गई है।

हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021
 इसके जरिए ग्राम पंचायतों, ग्राम समितियों व जिला परिषदों के पांच साल का कार्यकाल इनकी पहली बैठक से शुरू होगा।

हरियाणा संक्षिप्त नाम संशोधन विधेयक-2021
इस विधेयक के जरिए हरियाणा के 154 कानूनों से पंजाब शब्द हटाया गया है। विधानसभा ने इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। उसकी सिफारिशों के बाद पंजाब शब्द हटाने के लिए विधेयक का ड्राफ्ट तैयार किया गया। राज्य में लागू कानूनों में अब भी ‘पंजाब’ व ‘पूर्वी पंजाब’ शब्द का प्रयोग हो रहा है। ये शब्द सरसरी तौर पर पढ़ने व कानून लागू करने में जमीनी स्तर पर लोगों के बीच संदेह उत्पन्न करते हैं। इसलिए विधेयक के जरिए ‘पंजाब अधिनियम’ व ‘पूर्वी पंजाब अधिनियम’ को हरियाणा के कानूनों से संशोधित किया गया है।

हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2021
31 मार्च को खत्म हो रहे वित्त वर्ष के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा की संचित निधियों में से 173901,32,26,602 रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार  देने के लिए हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2021 पारित किया गया।
 
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