बिजली दरें बढ़ाने के संबंध में शुक्रवार को ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) की ओर से एक पब्लिक हियरिंग बुलाई गई। पब्लिक हियरिंग में शहर की विभिन्न रेजिडेंट्स एसोसिएशन और व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े लोग पहुंचे।
लोगों की आपत्तियों और सुझाव सुनने के लिए जेईआरसी के चेयरमैन एसके चतुर्वेदी और बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बिजली दरें बढ़ाने का खूब विरोध किया और सुझाव पेश किए। जेईआरसी ने ये सभी सुझाव सुनकर बिजली विभाग को इस बारे में रिपोर्ट बनाने को कहा है।
बिजली विभाग बेचेगा सोलर पावर
चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी, साइंस एंड टेक्नोलॉजी(क्रेस्ट)बिजली विभाग को अब सीधे सोलर पावर बेचेगा। इस बारे में बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एमपी सिंह ने कहा कि अभी सरकारी इमारतों पर सोलर पावर प्वाइंट लगाए जा रहे हैं। इनका रिस्पांस अगर सही रहा तो जल्दी ही निजी सोलर प्वाइंट भी लगाए जाएंगे। लोग खुद भी अपने घरों की छतों पर सोलर प्वाइंट लगा सकेंगे।
ये रहीं लोगों की प्रतिक्रियाएं
केवल जनता को बेवकूफ बनाने केलिए बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं। बिजली विभाग हमें बताए कि ऐसे कौन से खर्चे बढ़ गए हैं जिससे लोगों पर यह बोझ डाला जा रहा है। लोगों के लिए बिजली महंगी की जा रही है, लेकिन सुविधा कोई नहीं मिल रही। मेरा सुझाव था कि लोगों की सुविधा के लिए बिजली विभाग को अपने फील्ड स्टाफ को ऑफिशियल मोबाइल फोन देने चाहिए।
राकेश अग्रवाल, जनरल सेक्रेट्री चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
समझ नहीं आ रहा कि एक साथ बिजली दरों में इतनी बढ़ोतरी क्यों की जा रही है। हर साल जनता पर नई परेशानी थोपी जा रही है। पहले कहा गया था कि दरें नहीं बढ़ेंगी, अब अचानक फिर बढ़ाई जा रही हैं।
बीएस चहल, अध्यक्ष चंडीगढ़ रेजिडेंट्स सोशल वेलफेयर फेडरेशन
बिजली विभाग अपने खर्चे पर तो कटौती नहीं कर रहा है। इनके खर्चों का बोझ अब जनता की जेब पर डाला जा रहा है। जेईआरसी को चाहिए की बिजली विभाग की फिजूलखर्ची पर सख्त कार्रवाई करे।
एएस गुलाटी, रिटायर्ड इंजीनियरिंग चीफ पंजाब
शहर में कोई नहीं चाहता की बिजली दरें बढ़ें। एक तो पहले बिलों में बेवजह के खर्चे शामिल कर जनता पर बोझ डाला जा रहा है। अब दरें बढ़ाने से तो लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी।
कमलजीत पंछी, अध्यक्ष चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल
'आप' ने किया पब्लिक हीयरिंग पर सवाल
पब्लिक हियरिंग के आयोजन पर भी कुछ लोगों ने सवाल खड़े किए। इनमें आम आदमी पार्टी के कैंपेन मैनेजर मनीष रायजादा भी थे। हालांकि वह अपनी बारी आने से पहले ही कार्यक्रम से जा चुके थे। उन्होंने इस कार्यक्रम को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया था और अपनी आपत्ति जताई थी। वहीं कार्यक्रम में मौजूद एक अन्य ने भी यह सवाल खड़ा किया। इस पर जेईआरसी का जवाब था कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए चुनाव आयोग से विशेष अनुमति ली थी। आयोग की तरफ से इजाजत मिलने पर ही कार्यक्रम हुआ।