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पबजी की लत... अभिभावकों को पता होना चाहिए कि आखिर उनका बच्चा मोबाइल पर क्या देखता है

Tue, 07 Jul 2020 12:42 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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ऑनलाइन गेम पबजी से जुड़ी जो खबरें आईं हैं, उससे अभिभावकों की नींद उड़ गई है। गेम में वर्चुअल हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदनेे के शौक में मोहाली के दो किशोरों ने अपने परिजनों के खाते से लाखों रुपये उड़ा दिए। यह खबर जिसने भी पढ़ी, चिंतित हो उठा। अभिभावकों की चिंता यह है कि कहीं उनका बच्चा भी इस जाल में न फंस जाए।
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कुछ अभिभावकों का कहना है कि आजकल ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से बच्चों को मोबाइल से दूर नहीं रखा जा सकता। ऐसे में विकल्प यही है कि बच्चों के हाव-भाव पर नजर रखी जाए। उन्हें दूसरी एक्टिविटीज के साथ जोड़ा जाए, ताकि उनके सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। हालांकि कुछ पैरेंट्स का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से चीन के एप्स पर पाबंदी लगाई है, ठीक उसी तरह से हिंसक ऑनलाइन गेम्स पर भी रोक लगानी चाहिए।

बच्चों की रचनात्मकता बढ़ाएं
हम सीधे तौर पर बच्चे पर दोष नहीं मढ़ सकते हैं। इसके लिए अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों पर निगरानी के साथ उनके साथ समय बिताएं और उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने का प्रयास करें। इससे बच्चे कुछ नया सोचेंगे और उनकी दिमाग पर पॅाजिटिव असर आएगा।
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- भावना गर्ग, मोटिवेशनल स्पीकर व साइकोलाजिस्ट चंडीगढ़

पैरेंट्स बच्चों को दे क्वालिटी टाइम
ऑनलाइन गेम का ट्रेंड चल रहा है। लॉकडाउन ने बच्चों की फिजिकल एक्टिविटीज कम कर दी गईं हैं। इस वजह से बच्चे मोबाइल पर व्यस्त हो गए हैं। ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों के लिए क्वालिटी टाइम निकालना होगा, तभी यह समस्या खत्म होगी। बच्चे तो मासूम होते हैं और वे जाल में फंसते जाएंगे।
- उपिंदरजीत कौर, डायरेक्टर, जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन

बच्चों को ज्यादा समय के लिए मोबाइल न दें

मेरा 9 साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। लॉकडाउन के कारण बच्चों का बाहर जाना बंद हो गया। इसमें बच्चों की फोन से दोस्ती हो गई। हमने बच्चों को फोन से दूरी बनाए रखने को कहा है। जब कभी मेरे बेटे को फोन पर पढ़ाई करनी होती है तो हमारे परिवार का कोई न कोई सदस्य उनके साथ बैठता है। बच्चों को 15 मिनट से ज्यादा फोन देखने की लिए नहीं दिया जाता है।
- डा. श्रुति निवासी कमांडो कांप्लेक्स फेज 11, मोहाली

पैरेंट्स बच्चों के सामने मोबाइल का इस्तेमाल न करें
बच्चों को मोबाइल से दूर ही रखना चाहिए। मैं खुशनसीब हूं कि मेरी सात साल की बेटी आनलाइन क्लास से ही परेशान हो जाती है और वह फोन नहीं मांगती। मेरा मानना है बच्चों को दूसरी बातों की और ध्यान भटकाया जा सकता है। माता पिता को चाहिए वे बच्चों के सामने फोन का इस्तेमाल न करें।
- साहिबा, योग टीचर

गेम को किया जाए बंद
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना मुश्किल हो गया है। मेरी दो बेटियां है, मगर वे ऑनलाइन गेम कम खेलती हैं, मगर वह सोशल मीडिया पर घंटों समय बिताती हैं। हालांकि अब मुझे ज्यादा ध्यान रखना होगा। पबजी जैसे गेम को तो बैन कर देना चाहिए। इस तरह के गेम ही बच्चों को बर्बाद कर रही है।
- विजय भल्ला, निवासी मोहाली

अब अभिभावक भी हो रहे सतर्क
आजकल के बच्चों को फोन से दूर रखना मुश्किल है, क्योंकि आज के समय के सारी पढ़ाई ऑनलाइन है। मैं अपनी बेटी को निर्धारित समय के लिए फोन देती हूं। उसके बाद उसे मोबाइल से दूर रखती हूं। अपनी बेटी को दूसरी एक्टिविटीज के साथ जोड़े रखती हूं, ताकि उसकी रचनात्मकता बाहर आए।
- मिनाक्षी, टीचर मोहाली
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अभिभावक ही अपने बच्चों को बचा सकते

पबजी गेम खतरनाक है। इसके परिणाम घातक होते हैं। बच्चे तेजी से इस गेम की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को अपने बच्चों पर नजर रखनी होगी। बच्चे मोबाइल पर क्या देखते हैं, यह अभिभावकों को पता होना चाहिए। अभिभावक ही इस पर लगाम लगा सकते हैं। उन्हें बच्चों से बराबर बातचीत करनी चाहिए।
- योगिता शर्मा, गृहणी, पीयू

बच्चों को मोबाइल न दें
पहले ब्लूव्हेल गेम आया था, जिसके जाल में बच्चे फंसते थे। अब पबजी बच्चों को अपना आदी बना रहा है जो बेहद खतरनाक है। इस पर अभिभावकों को ध्यान देना होगा। बच्चों को मोबाइल न दें और यदि दे रहे हैं तो यह ध्यान रखें कि बच्चे कौन से गेम खेल रहे हैं।
- दीपिका शर्मा, गृहणी, पीयू

मेरी निगरानी में खेलता है पबजी
मेरा बेटा अर्णव दसवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। वह मेरी निगरानी में एक घंटा सुबह और एक घंटा शाम को पबजी गेम खेलता है। यह उसका फिक्स समय है। हालांकि मैंने उसे कई बार मना किया है, लेकिन नहीं मानने पर उसे सिर्फ एक घंटे खेलने को दिया है। जब स्कूल खुला था तो वह नहीं खेलता था, क्योंकि वह स्कूल और खेलकूद की एक्टिविटीज में व्यस्त रहता था।
- ज्योति तिवारी, टीचर

कोशिश करूंगी कि बेटा गेम न खेले
मेरे बेटे शिवम कोहली ने दसवीं कक्षा के पेपर दिए हैं। अभी रिजल्ट भी नही आया है। इस वजह से घर पर बैठे बैठे बोर होने की वजह से वह पबजी गेम अपने दोस्तों के साथ ख्ेालता है। लेकिन कल की घटनाओं से सबक लेते हुए अब उसकी निगरानी जरूरी है। मेरी कोशिश रहेगी कि किसी तरह से इस खेल से छुटकारा पाया जा सके।
- शिवानी कोहली, गृहणी
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