चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय रिसर्च के जरिये धन जुटाने की तैयारी कर रहा है। रूसा के तहत मिलने वाली रकम भी नहीं आई। वह रकम भी पीयू लेगा ताकि रिसर्च आदि के कार्य शुरू हो सकें। इसके अलावा अन्य शिक्षकों से भी कहा जा रहा है कि वह रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करें ताकि उन्हें फंडिंग एजेंसियों को भेजा जा सके।
रूसा के तहत पीयू को 50 करोड़ रुपये मिलने थे। मंजूरी मिल गई, लेकिन रकम अभी पीयू के पास नहीं पहुंची। इस रकम से कई रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू होने थे जिनके बेहतर परिणाम सामने आते। इससे समाज व देश को नई दिशा मिलती, लेकिन इसी बीच कोरोना आ गया। अब धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर लौट रही है। मंत्रालयों से लेकर विभाग तक खुल रहे हैं। अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए भी कार्य शुरू हो रहे हैं। ऐसे में पीयू भी अब रिसर्च के लिए धन केंद्र सरकार या अन्य फंडिंग एजेंसियों से लेगा।
सूत्रों का कहना है कि इस बार रिसर्च के लिए ही रकम केंद्र से मिल सकती है, अन्य कार्यों के लिए धन मिलना मुश्किल होगा। मालूम हो कि पीयू के एक दर्जन शिक्षकों ने कोविड पर रिसर्च के लिए केंद्र सरकार व फंडिंग एजेंसियों को प्रोजेक्ट भेजे हैं। कुछ प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। इसी माह में सभी प्रोजेक्ट शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।