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चंडीगढ़ : अस्थायी शिक्षक भर्ती नहीं करेगा पंजाब विश्वविद्यालय, ये है वजह

Wed, 10 Feb 2021 02:46 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ का पंजाब विश्वविद्यालय अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां नहीं करेगा। इनसे गड़बड़ी की आशंकाएं बनी रहती हैं। तमाम सवाल उठने के बाद पीयू ने यह योजना बनाई है। पीयू पहले स्थायी भर्तियां करेगी ताकि जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य हो सके।

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कोरोना से पहले पंजाब विश्वविद्यालय के पास लगभग 700 स्थायी शिक्षक थे। इनके अलावा 140 के आसपास अतिथि संकाय का सहारा लिया जा रहा था। अनुबंध शिक्षकों की संख्या भी लगभग 50 के आसपास थी। ये शिक्षक पीयू के लगभग 15 हजार विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। कोरोना जैसे ही आया तो अतिथि संकाय व अनुबंध के शिक्षकों से काम लेना बंद कर दिया गया। उसके कुछ माह बाद पीयू ने 21 अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां निकाल दीं। इसके बाद इन भर्तियों का विरोध तेज हो गया। 


पीयू प्रशासन के अलावा यूजीसी तक शिकायतें की गईं। अतिथि संकाय से जुड़े लोगों के अलावा अन्य ने भी शिकायतें कीं। पीयू ने यह भर्तियां इसलिए निकाली थीं कि शिक्षकों की स्थायी भर्ती नहीं हो रही है तो इनसे काम चलाया जाए। सूत्रों का कहना है कि विरोध के बाद इन भर्तियों को रोक दिया गया और उसके चलते ही पीयू अब अस्थायी भर्तियां न करने की योजना बना रही है।
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अतिथि संकाय का सहारा ले पीयू
पीयू के कुछ शिक्षकों ने कहा है कि अस्थायी भर्तियां करने के बदले पीयू अतिथि संकाय के शिक्षकों की सहायता ले सकती है। इसके लिए कैंपस को भी खोला जा सकता है। कुछ कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुलाया जाए, जिनमें शिक्षकों की संख्या कम है। इन विद्यार्थियों को अतिथि संकाय की ओर से शिक्षा दी जा सकती है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी और अतिथि संकाय को काम भी मिल जाएगा। साथ ही पीयू को अस्थायी शिक्षकों की भर्तियां भी नहीं करनी पड़ेगी। अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों की भी सेवाएं ली जा सकती हैं।

26 स्थायी भर्तियां करने पर निर्णय नहीं हो पाया
पीयू की ओर से एक साल पहले 26 शिक्षकों की भर्तियां करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके लिए एक हजार से अधिक आवेदन आए भी थे, लेकिन इन पर सिंडिकेट ने अड़ंगा लगा दिया, जो अब तक चला आ रहा है। फरवरी-मार्च में इन भर्तियों पर कार्रवाई शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक नहीं की गई। इन भर्तियों पर पीयू को निर्णय लेना चाहिए। साथ ही शिक्षकों के अन्य खाली पदों को भी भरा जाए। हालांकि, पीयू खाली पदों की संख्या का पता लगा रही है।            

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