चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी इस सत्र से यूनिवर्सिटी के विभागों के साथ पंजाब और चंडीगढ़ के संबद्ध और घटक कॉलेजों में यूजी स्तर पर एनईपी-20 लागू करने जा रही है। इसकी रेगुलेशन को शनिवार को सिंडिकेट की बैठक में पास करने के लिए रखा जा रहा है। सिंडिकेट की बैठक में पास होने के बाद इसे पास करवाने के लिए सीनेट में ले जाया जाएगा। इसके बाद पीयू और कॉलेजों में दाखिले शुरू करवाए जाएंगे। पीयू की ओर से बनाई गई रेगुलेशन के अनुसार छात्रों को दूसरे साल में अपने मेजर विषय को बदलने का मौका मिलेगा।
एनईपी सेल की समन्वयक प्रो. लतिका ने बताया कि उम्मीदवार को पहले साल में एक मेजर और एक माइनर विषय का चयन करना होगा। पहला साल पूरा करने के बाद उम्मीदवार को विकल्प दिया जाएगा कि वो अपने मेजर विषय को माइनर और माइनर विषय को मेजर में बदल सकता है। इससे अगर छात्र की मेजर विषय में रूचि नहीं बन पाई तो उसे दूसरे वर्ष में एक मौका दिया जा सकेगा। इसके अलावा छात्रों को बहु-विषयक पाठ्यक्रम, योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम, कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम, वैल्यू एडेड कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे।
ये रहेगा चार वर्ष के पढ़ाई का शेड्यूल
अध्ययन का समय कुल सेमेस्टर सर्टिफिकेट अर्जित
चार वर्ष आठ सेमेस्टर बैचलर डिग्री ऑनर्स
तीन वर्ष छह सेमेस्टर बैचलर डिग्री
दो वर्ष चार सेमेस्टर अंडर ग्रेजुएट डिप्लोमा
एक वर्ष दो सेमेस्टर अंडरग्रेजुएट प्रमाणपत्र (चयनित विषय में)
मल्टीपल एंट्री और एग्जिट का मिलेगा विकल्प
पीयू अभी पहले वर्ष के लिए एनईपी लागू करने जा रही है और इससे सिर्फ पहले वर्ष के कोर्स के पाठ्यक्रम और दाखिला प्रक्रिया के साथ असेसमेंट का तरीका बदलने जा रहा है। छात्रों के पास मल्टीपल एंट्री और एग्जिट का विकल्प भी होगा। अगर वे किसी कारणवश पहले कॉलेज छोड़ देते हैं और अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाते हैं तो उन्हें अगले सालों में फिर से अपनी पढ़ाई पूरी करने की इजाजत दी जाएगी। इसके लिए मापदंड तय किया जाएगा।