चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को सीनेट चुनाव करवाना ही होगा। अफसर यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि चुनाव कार्यक्रम पुराना रखा जाए या नया बनाया जाए। वहीं दूसरी ओर चांसलर कार्यालय से भी संपर्क साधा जा रहा है, ताकि शासन सुधार के प्रस्ताव मंजूर हो जाएं।
हाईकोर्ट ने एक सप्ताह में पीयू से सीनेट चुनाव कार्यक्रम मांगा है। सूत्रों का कहना है कि पीयू अभी तय नहीं कर पा रही है कि चुनाव का कार्यक्रम कैसे तैयार हो। यदि सभी सीटों के लिए चुनाव करवाया जाएगा, तो पीयू पुराना ही चुनाव कार्यक्रम रखेगी। केवल तिथियां बदली जाएंगी। वहीं यदि नए सिरे से शासन सुधार के मुताबिक चुनाव होगा, तो फिर उसका कार्यक्रम अलग बनेगा।
जानकारों का कहना है कि पीयू की फैकल्टी आदि वर्ग के होने वाले चुनाव सबसे आखिर में हो सकते हैं, क्योंकि पीयू ने इसमें बदलाव कर दिया था। ऐसा होने से भाजपा व कांग्रेस पक्ष में से किसी न किसी को नुकसान होगा। सूत्रों का कहना है कि पीयू कैंपस की सीटों से दिग्गज चुनाव लड़ते हैं। वे जीतने के बाद बाकी वर्ग के होने वाले चुनाव में अपना दबदबा कायम रखते हैं।